बहराइच के महसी में अधिवक्ताओं ने निबंधन कार्यालय (रजिस्ट्री दफ्तर) के निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध किया। शुक्रवार को तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में वकीलों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार निबंधन कार्यालयों का निजीकरण करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इस कदम को जनसामान्य के हितों के खिलाफ बताया। त्रिपाठी के अनुसार, निजीकरण से पंजीकरण व्यवस्था में पारदर्शिता समाप्त हो जाएगी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस फैसले से वकीलों, बैनामा लेखकों और स्टांप विक्रेताओं की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा और वह खतरे में पड़ जाएगी। बार अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यह निर्णय जनता के विश्वास के साथ कुठाराघात होगा और इससे आम लोगों पर राजस्व का बोझ भी बढ़ेगा। अधिवक्ताओं ने सरकार से जनहित को ध्यान में रखते हुए निजीकरण के इस फैसले को तत्काल रोकने की अपील की है। इस अवसर पर अधिवक्ता उद्धव कुमार, सत्यप्रकाश, राघवेंद्र त्रिपाठी, राकेश त्रिवेदी, योगेंद्र मौर्या और विशाल सहित कई अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
निबंधन कार्यालय निजीकरण का विरोध, अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन:बहराइच के महसी में एसडीएम को दिया राज्यपाल के नाम ज्ञापन
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












