नगर पंचायत भारत भारी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। क्षेत्र में दर्जनों हैंडपंप या तो खराब पड़े हैं या उनका जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे वे काम नहीं कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग में वृद्धि हुई है। खराब हैंडपंपों के कारण लोगों को दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीण राजमणि ने बताया कि गांव में कई हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे मोहल्लों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे काफी असुविधा हो रही है। शाह आलम ने कहा कि भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। संबंधित विभाग को कई बार सूचना दी गई है, लेकिन अब तक पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है। राजेश कुमार के अनुसार, खराब हैंडपंपों के कारण सुबह और शाम पानी भरने के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। समय पर मरम्मत न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। महीबुल्लाह ने बताया कि क्षेत्र के कई हैंडपंप सूख चुके हैं या उनसे पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है। ऐसे में लोगों को निजी साधनों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इस संबंध में जल निगम ग्रामीण, सिद्धार्थनगर के अधिशाषी अभियंता विनय गुप्ता ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग को क्षेत्र में कुछ हैंडपंपों के खराब होने और जलस्तर कम होने की शिकायतें मिली हैं। संबंधित टीमों को सर्वे और मरम्मत कार्य के निर्देश दिए गए हैं। विनय गुप्ता ने आश्वासन दिया कि जहां तकनीकी खराबी है, वहां शीघ्र मरम्मत कराई जाएगी। जिन स्थानों पर जलस्तर की समस्या है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था और आवश्यक तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
भारत भारी में दर्जनों हैंडपंप खराब:ग्रामीण क्षेत्रों में भी गहराया पेयजल संकट, लोग परेशान
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