बहराइच में स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक चहलारी नरेश महाराजा बलभद्र सिंह का बलिदान दिवस जिले भर में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर नगर के सूफीपुरा स्थित सुखदराज सिंह क्षत्रिय भवन में श्रद्धांजलि सभा एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा बलभद्र सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया। मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षक रंग बहादुर सिंह शास्त्री रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षत्रिय समाज के जिलाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन कवि रामसूरत वर्मा ‘जलज’ ने किया। चहलारी नरेश के उत्तराधिकारी आदित्यभान सिंह कार्यक्रम के संयोजक रहे।
कवि गुलाब जायसवाल, रामसूरत वर्मा ‘जलज’, पी.के. प्रचंड और महेंद्र सिंह चौहान सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में महाराजा बलभद्र सिंह की वीरता का वर्णन किया। सेनानी परिषद के महामंत्री रमेश मिश्र ने कहा कि महाराजा बलभद्र सिंह ने बिना किसी भेदभाव के अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। वहीं विनय सिंह ने सुझाव दिया कि युवाओं को उनके जीवन से परिचित कराने के लिए विद्यालयों में निबंध एवं अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी चाहिए। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी उपेक्षा के कारण महाराजा बलभद्र सिंह जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे वास्तविक हकदार हैं।
चहलारी नरेश बलभद्र सिंह का बलिदान दिवस मनाया गया:क्षत्रिय भवन में वक्ताओं ने वीरता और देशभक्ति को किया याद
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