लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है, जिससे लोगों को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे तक प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन अधिकांश इलाकों में गर्मी और उमस का असर बना रहेगा। राहत की खबर यह है कि 7 जुलाई के बाद मानसून दोबारा सक्रिय होगा और 8 से 10 जुलाई के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाएं और मानसून को सक्रिय रखने वाले मौसमी तंत्र फिलहाल कमजोर पड़ गए हैं। इसी वजह से बारिश की गतिविधियां धीमी हो गई हैं। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, बाराबंकी और आसपास के जिलों में दिन के समय तेज धूप निकल रही है, जिससे तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को उमस भी काफी परेशान कर रही है।
विभाग ने प्रदेश के करीब 25 जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 26 जिलों में गर्मी और उमस का असर बने रहने की संभावना जताई है। आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 4 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा की कमी देखी गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी बारिश सामान्य से कम रही है। जौनपुर, देवरिया, वाराणसी, मऊ, सिद्धार्थनगर, उन्नाव, अमेठी और सीतापुर समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी। उत्तरी ओडिशा तट के पास बने मौसमीय सिस्टम के कमजोर होने का असर उत्तर प्रदेश पर पड़ा है। जैसे ही यह सिस्टम मजबूत होगा, मानसून फिर सक्रिय हो जाएगा। पूवार्नुमान के अनुसार 8 जुलाई से बारिश का दायरा बढ़ेगा और 9 व 10 जुलाई को कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों से मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने तथा खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।












