महाराजगंज के फरेंदा विकासखंड के पूर्वी गांव में एक साल पहले बना नाला टूट गया है। नाले के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और साइकिल सवारों को। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों, जिनमें गोलू, अमरनाथ, दिनेश, संजय और जावेद शामिल हैं, ने बताया कि नाला निर्माण के ठीक एक साल बाद ही टूट गया। नाले का किनारा धंस गया है और उसका गेट भी बाहर निकल चुका है। इससे एक तरफ से आने वाले वाहन अक्सर दूसरी तरफ से जाने वाले वाहनों के साथ फंस जाते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्राम प्रधान मनोज कुमार तिवारी ने इस संबंध में कहा कि नाला पहले ही टूट चुका था और इसे दोबारा हटाने के बाद ही इसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बजट की कमी से इनकार करते हुए बताया कि प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, ग्रामीणों ने प्रधान के इस जवाब को संतोषजनक नहीं माना और अपनी परेशानी जारी रहने की बात कही। स्थानीय लोगों ने इस मामले में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और जिलाधिकारी से शिकायत कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। विकासखंड अधिकारी ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि नाले का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए और दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, पूर्वी गांव में यह टूटा हुआ नाला विकास की राह में एक बड़ी बाधा बना हुआ है।
फरेंदा के पूर्वी में साल भर में टूटा नाला:ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी, प्रधान ने दिया पुनर्निर्माण का आश्वासन
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