सिद्धार्थनगर में 4 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में प्रशिक्षण संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने की। बैठक में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन, सहायक निदेशक सुमन शा और केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अधिकारियों सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही शैक्षिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाना और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाना था। संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने, शिक्षण पद्धति को रोचक बनाने और डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन ने शिक्षा विभाग के कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में समय पर पढ़ाई सुनिश्चित की जाए और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, छात्रों के सीखने के स्तर का समय-समय पर मूल्यांकन करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में सारथी प्लेटफॉर्म के जरिए आईआईटी कानपुर द्वारा नीट और जेईई की तैयारी कराए जाने की जानकारी दी गई। सभी छात्रों का अपार आईडी बनवाने के भी निर्देश दिए गए। सहायक निदेशक सुमन शा ने शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से अवगत कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण सत्रों से शिक्षकों के कौशल विकास को बढ़ावा मिल रहा है। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अधिकारियों ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने भाषा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने हेतु नवाचार अपनाने पर जोर दिया और शिक्षकों को आधुनिक तरीकों से पढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
सिद्धार्थनगर में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक:डीएम ने गुणवत्ता सुधार और डिजिटल शिक्षा पर दिया जोर
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