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लखनऊ में 18 ड्रग इन्सपेक्टरों की कार्यवाही 12 फर्मों का संचालन तत्काल रोका

  • काउंटरफीट दवाओं के सिंडिकेट पर प्रभावी कार्यवाही करने हेतु विशेष प्रवर्तन अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य में काउंटरफीट और स्पूरियस दवाओं के पूरे नेटवर्क व सप्लाई चेन को जड़ से उखाड़ने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान के क्रम में लखनऊ में 06 जुलाई 2026 की रात को मेट्रो स्टेशन आलमबाग के पास आलमबाग बस स्टेशन विभाग द्वारा एक गत्ते के कार्टन में भारी मात्रा में संदिग्ध नकली एलोपैथिक औषधियाँ बरामद की गई। कार्टन में निर्माता फर्म डध्े ज्वततमदज च्ींतउंबमनजपबंसे स्जकण् की बहुचर्चित ब्रैन्ड ब्ीलउवतंस थ्वतजम की 4800 टैबलेट और निर्माता फर्म डध्े त्मसंग च्ींतउंबमनजपबंसे की ब्रैन्ड ळनकबम िच्सने, की 2940 टैबलेट सीज की गई जिसका मूल्य लगभग 1.6 लाख रु0 है। 

ळनकबम िच्सने के कार्टन एवं स्ट्रिप्स पर कई प्रिंटिंग त्रुटियाँ ळनकबम िच्सने की पैकिंग एवं स्ट्रिप्स का मूल उत्पाद से तुलनात्मक परीक्षण करने पर कई गंभीर त्रुटियाँ पाई गईं, जिससे यह स्पष्ट रूप से नकली/स्पूरियस होने की पुष्टि हुई। वाराणसी निवासी विमल कुमार सिंह पुत्र रमेश कुमार सिंह को मौके पर गिरफ्तार किया गया, जिसने स्वीकार किया कि ये औषधियाँ वाराणसी के मेसर्स न्यू सर्जिकल, चौधरी कटरा संदीप श्रीवास्तव पुत्र मुन्ना लाल श्रीवास्तव से बिना बिल-लाइसेंस के खरीदकर लखनऊ भेजी थीं। प्रकरण में आलमबाग थाना में ठछै 2023 की धारा 318(4), 319(2), 276, 277, 278 के तहत थ्प्त् नंबर 0086/2026 दर्ज कराई गई।

प्राप्त सूचना के आधार पर ही त्वरित कार्यवाही करते हुए जनपद वाराणसी में भी 6 जुलाई 2026 को मडुवाडीह थाना क्षेत्र के चौधरी कटरा स्थित मेसर्स न्यू सर्जिकल जिसके स्वामी संदीप श्रीवास्तव पुत्र मुन्ना लाल श्रीवास्तव है, पर विभाग द्वारा पुलिस दल के साथ छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के भारी मात्रा में एलोपैथिक औषधियाँ अवैध रूप से भंडारित पाई गईं। दुकान मालिक संदीप श्रीवास्तव को मौके पर गिरफ्तार किया गया। उन्होंने औषधियाँ संजय सिंह चौहान जो प्रयागराज निवासी है एवं गौरव शर्मा जो वाराणसी के है, से खरीदने की बात कबूल की। मौके पर संदिग्ध 12 औषधियों के नमूने नियमानुसार लिए गए तथा शेष माल सील कर जब्त किया गया, जिसका मूल्य रु0 लगभग 25 लाख है। प्रकरण में मडुवाडीह थाना में ठछै 2023 की धारा 277, 278 एवं 318(4) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई गई। पूरा प्रकरण ब्रांडेड कंपनियों की डुप्लीकेट/नकली दवाओं के अंतर-जनपदीय रैकेट से जुड़ा होने की आशंका है जिसकी जांच जारी है ।

 दोनों प्रकरणों में दोषी व्यक्तियों/फ़र्मों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत सक्षम न्यायालय में नियमानुसार दाखिल किए जाएंगे। जनपद लखनऊ में नकली (ब्वनदजमतमिपज) दवाओं की बिक्री, एक्सपायरी दवाओं की री-लेबलिंग, सरकारी आपूर्ति और फिजिशियन सैंपल्स का अवैध व्यावसायिक विक्रय,  तेजी से बिकने वाले उत्पादों (थ्ंेज डवअपदह च्तवकनबजे) और उनकी खरीद/लैंडिंग लागत की जांच, बहुचर्चित कंपनी जिसमें स्नचपदए ळसमदउंताए डंदापदक आदि की ब्रांडस की जांच जिसमें भ्मचंउमत्रए स्पइमतं 500, ळसपउमेजंत ड1 ड2ए च्ड1ए च्ड2ए ज्मसउं ।डए ज्मसउं भ् सम्मिलित है, के उद्देश्य से बीते दो दिनों (06 जुलाई 2026-07 जुलाई 2026) में प्रदेश भर से 18 औषधि निरीक्षकों (क्तनह प्देचमबजवते) की एक विशेष संयुक्त टीम गठित कर दवा मंडी अमीनाबाद एवं ट्रांसपोर्ट नगर तथा अन्य क्षेत्रों में स्थित फ़र्मों को विभाग द्वारा एकत्र की गई अभिसूचना के आधार पर चिन्हित करते हुए सघन छापेमारी की गई ।

 इस अभियान में 25 फ़र्मों, जिसमें महालक्ष्मी ट्रेडर्स, जय श्री महाकाल फ़ार्मास्युटिकल्स, भगवती एंटरप्राइजेज एवं इनके 2 गोदाम, न्यू बाबा फार्मा एवं इनका गोदाम, फार्मा सेल्स, आर जी फार्मा, ट्रेडमेड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड दवा मंडी अमीनाबाद, ट्रेडमेड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ट्रांसपोर्ट नगर, दुर्गा डिस्ट्रीब्यूटर्स, श्री तिरुपति बालाजी एजेंसी, श्री बाँके बिहारी फार्मा, भगवती मेडीसीन्स, श्री बाँके बिहारी फार्मा एवं इनका गोदाम, बापू मेडिकल हाल, मैक फार्मा, संस्कृति फार्मा, सुखमणी फार्मा, बम बम फार्मा, अनंत एशिया फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, सरोजनी नगर, रुद्राक्ष फार्मा, अनंत एंटेरप्राइसेज, ओम साई राम मेडिकोज, मेडट्रास मल्टीवर्स, एस एस मेडिकोज़्, श्री तिरुपति बालाजी एजेंसी की उपरोक्त बिंदुओं पर सघन निरीक्षण किये गए, जिनमें जांच दल ने मेडिकल स्टोर द्वारा औषधियों के क्रय विक्रय संबंधित अभिलेख मौके पर प्रस्तुत नहीं किए गए पर उनकी बिक्री पर तत्काल रूप से रोक लगाई गई, जिनकी अनुमानित कीमत 1.77 लाख रूपये हैं। 52 संदिग्ध औषधियों के नमूने जांच एवं विश्लेषण हेतु संग्रहित किये गए साथ ही मेडिकल स्टोर जिनके द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 व नियमावली 1945 में दिए गए प्राविधानों का उल्लंघन किया जाता पाया गया, ऐसी 12 फ़र्मों के संचालन पर अधिनियम की धारा 22(1)(क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई ।

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