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करोड़ों घोटाले के खेल में किसके इशारे पर चलता रहा बेलरायां सीएलएफ में  अनियमितताओं का दौर

बेलरायां-खीरी,11 जुलाई(तरुणमित्र)। विकास खंड निघासन के अंतर्गत संचालित आदर्श प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ(सीएलएफ) बेलरायां में कथित करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं में बीएमएम व सीएलएफ प्रबंधक की भूमिका पर सवाल उठ गए हैं।महिलाओं का कहना हैं कि पूरे प्रकरण के दौरान तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) सुनील कुमार और सीएलएफ प्रबंधक शिक्षा शुक्ला की भूमिका भी संदिग्ध हैं।वह सीएलएफ सचिव सुकेता तिवारी की बहन हैं।जांच के दायरे में दोनों अधिकारियों को भी लाया जाना चाहिए।जिस अवधि में कथित अनियमितताएं हुईं,उस समय दोनों अधिकारी संबंधित पदों पर कार्यरत थे। और वित्तीय गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी।महिलाओं का आरोप हैं कि यदि बीएमएम सुनील कुमार और प्रबंधक शिक्षा शुक्ला रिकॉर्ड,बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की समय-समय पर प्रभावी निगरानी करती तो इतनी बड़ी कथित अनियमितताएं संभव नहीं हो पातीं।

उनका कहना है कि गलत तरीके से लेनदेन कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी के बावजूद सवाल न उठना कई संदेह पैदा करता हैं,जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक हैं।संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने आरोप लगाया हैं।कि सीएलएफ की सचिव सुकेता तिवारी प्रबंधक शिक्षा शुक्ला की बहन हैं।सुकेता ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लाखों रुपये की धनराशि का गबन किया।आरोप हैं कि उन्होंने अपने देवर समेत दो अन्य पुरुषों के बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर कराकर धनराशि निकलवाई।संबंधित खातों के बैंक स्टेटमेंट,भुगतान विवरण और वित्तीय अभिलेखों की गहन जांच से पूरे मामले की परतें खुलीं,जबकि महिलाओं के समूहों में पुरुष नहीं रह सकते हैं और न ही उन्हें किसी प्रकार से धन दिया जा सकता हैं।इसके बावजूद भी अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई हैं।  यदि मामले की जांच केवल निचले स्तर तक सीमित रही तो वास्तविक जिम्मेदारों तक पहुंचना मुश्किल होगा।

उन्होंने मांग की हैं,कि तत्कालीन बीएमएम सुनील कुमार, सीएलएफ प्रबंधक शिक्षा शुक्ला और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या वित्तीय अनियमितता में संलिप्तता पाई जाती हैं तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ग्राम संगठनों की महिलाओं ने जिला प्रशासन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की हैं,ताकि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के धन का सही हिसाब सामने आ सके और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो।

बीएमएम सुनील को चुनाव प्रक्रिया से दूर करने की मांग

ग्राम संगठनो की महिलाओं का कहना है कि नवागत बीएमएम सुनील कुमार वर्ष 2023 से चार साल तक बेलरायां सीएलएफ के बीएमएम रहे। आरोप है कि इन्हीं के कार्यकाल में सीएलएफ में कथित करोड़ों का घोटाला हुआ और फर्जीवाड़ा कर नियम विरुद्ध तरीके से नियुक्तियां की गई। ऐसे में इनके रहते चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित होगी। बीएमएम का चार्ज लेने के बाद से ही कथित घोटाले में फंसी और चुनाव का विरोध कर रही महिलाओं के खेमे में उत्साह है। इसलिए बीएमएम को चुनाव प्रक्रिया से दूर रखा जाए और उनके स्थान पर किसी दूसरे बीएम को बेलरायां क्लस्टर का चार्ज सौंपा जाए।

इस सम्बन्ध मे उपायुक्त स्वरोजगार जितेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया की पूरे प्रकरण की जांच चल रही हैं,जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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