आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र लाने की तैयारी
नई दिल्ली। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इस मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को महाराष्ट्र पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ इंद्रजीत सिंह उर्फ पीकू और एक अन्य सहयोगी को भी हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 14 हो गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिहार में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान तीनों आरोपियों को दबोचा गया। बिजेंद्र गुप्ता काफी समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र पुलिस लगातार कई राज्यों में छापेमारी कर रही थी। इससे पहले इस मामले में उसके कई सहयोगियों के साथ उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर बच निकलता था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि बिजेंद्र गुप्ता का संबंध देश के विभिन्न राज्यों में सामने आए कई परीक्षा पेपर लीक मामलों से हो सकता है। इसी वजह से वह जांच एजेंसियों की सबसे वांछित सूची में शामिल था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को परीक्षा माफिया के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र लाने की तैयारी कर रही है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि उसका अन्य राज्यों में सक्रिय पेपर लीक गिरोहों से कितना गहरा संबंध था और किन-किन परीक्षाओं में उसकी भूमिका रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से देशभर में सक्रिय संगठित परीक्षा माफिया के नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है और पेपर लीक से जुड़े कई मामलों की जांच को नई दिशा मिल सकती है।












