लखनऊ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ,नालसा की ओर से “लीगल सर्विसेज टू पर्सन्स विद मेंटल इलनेस एंड पर्सन्स विद इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटी स्कीम, 2024” लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य मानसिक रोग अथवा बौद्धिक अक्षमता से ग्रसित व्यक्तियों को गरिमापूर्ण जीवन,समान अवसर एवं न्याय तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करते हुए निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। ये जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,के प्रभारी सचिव जीवक कुमार सिंह ने दी।
उन्होने बताया कि मानसिक रोग और बौद्धिक अक्षमता से पीड़ित व्यक्ति, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में निवासरत व्यक्ति तथा ऐसे बंदी जो मानसिक रोग अथवा बौद्धिक अक्षमता से ग्रसित हैं, इस योजना के तहत निशुल्क विधिक सहायता के पात्र हैं। प्रशिक्षित पैनल अधिवक्ताओं, पैरालीगल वालंटियर्स तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।
जीवक कुमार सिंह ने कहा योजना के अंतर्गत दीवानी, आपराधिक एवं प्रशासनिक मामलों में सहायता, पुलिस थानों एवं न्यायालयों में विधिक सहयोग, विधिक सहायता क्लीनिकों के माध्यम से परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों, जेलों, बाल एवं महिला संरक्षण गृहों तथा आवश्यकता पड़ने पर गृह भ्रमण के माध्यम से भी सेवाएं दी जाएंगी। साथ ही लाभार्थियों को उनके विधिक एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नालसा द्वारा लीगल सर्विसेज यूनिट फॉर मेंटल इलनेस के गठन का भी प्रावधान किया गया है, जिसके माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, समाजसेवियों एवं विधिक सेवा संस्थाओं के समन्वय से प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सिंह ने आमजन से अपील की कि मानसिक रोग अथवा बौद्धिक अक्षमता से ग्रसित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाएं, भेदभाव न करें तथा उनकी गरिमा एवं गोपनीयता का सम्मान करें।
मानसिक रोग से ग्रसित व्यक्तियों को मिलेगी निशुल्क सहायता
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