बलरामपुर जिले में विकास कार्यों की धीमी प्रगति और डेटा अपडेट न करने की लापरवाही के कारण सीएम डैशबोर्ड पर जिले का प्रदर्शन गिर गया है। 15वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों को आवंटित बजट के खर्च का विवरण समय पर अपलोड न होने से जिले की ओवरऑल रैंक 67 और विकास कार्यों में 71वें स्थान पर पहुंच गई है। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि पंचायती राज विभाग के ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर खर्च और भौतिक प्रगति का डेटा अपडेट नहीं किया गया था। इस गंभीर लापरवाही के चलते 24 पंचायत सचिवों का मार्च माह का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी सचिवों को 31 मार्च तक आवंटित धनराशि के सापेक्ष खर्च और प्रगति की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया था। हालांकि, अपेक्षित सुधार न होने के बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्य में सुधार नहीं होता है, तो संबंधित सचिवों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी और उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव किया जाएगा। प्रशासन अब खराब रैंकिंग के कारणों की गहन समीक्षा कर रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी स्थिति से बचना और जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाना है।
बलरामपुर का सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शन गिरा:24 पंचायत सचिवों का वेतन रोका गया, लापरवाही पर कार्रवाई
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