HomeHealth & Fitnessसुपौल में एलपीजी आपूर्ति पर प्रशासन सख्त, 24 गैस एजेंसियों की जांच

सुपौल में एलपीजी आपूर्ति पर प्रशासन सख्त, 24 गैस एजेंसियों की जांच

सुपौल । जिले में एलपीजी स की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शनिवार तक जिले की कुल 51 गैस एजेंसियों में से 24 एजेंसियों की जांच की गई, जबकि 23 होटलों व अन्य प्रतिष्ठानों पर भी छापेमारी की गई।

जिलाधिकारी सावन कुमार ने किशनपुर स्थित देवन एच.पी. गैस एजेंसी की वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया और शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों ने माँ शारदा एच.पी. गैस एजेंसी सरायगढ़-भपटियाही, सुमित्रा एच.पी. त्रिवेणीगंज और गणपति एच.पी. सिमराही की वितरण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।

प्रशासन के अनुसार होम डिलीवरी सेवा शुरू होने के बाद उपभोक्ताओं को काफी राहत मिली है और अब सभी 51 एजेंसियों के लाभुकों को घर तक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।

बताया गया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। सभी गैस एजेंसी संचालकों को “पहले आओ, पहले पाओ नियम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत प्रतिदिन स्टॉक के आधार पर गैस प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं की सूची एजेंसी कार्यालय, गोदाम और होम डिलीवरी वाहनों पर प्रदर्शित की जा रही है।

भीड़-भाड़ वाले गैस एजेंसी परिसर और गोदामों पर होम डिलीवरी व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है।

जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 46 एजेंसियों पर फिलहाल एलपीजी लेंडर उपलब्ध है, जबकि शेष पांच एजेंसियों में जल्द आपूर्ति होने की संभावना है। फिलहाल जिले में करीब 14,266 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है।

प्रशासन के अनुसार 4 अप्रैल को लगभग 3,263 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई, जबकि अभी 24,182 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है।

गैस उठाव और वितरण की निगरानी के लिए समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, 3 अप्रैल को नियंत्रण कक्ष में 9 शिकायत या जानकारी से संबंधित कॉल प्राप्त हुए, जिनका निपटारा कर दिया गया।प्रशासन ने बताया कि घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में अब तक जिले में तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुपौल जिले में एलपीजी की उपलब्धता सामान्य है और उपभोक्ताओं को घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर लेने की आवश्यकता नहीं है। सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

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