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सिद्धार्थनगर में मतदाता सूची पर सियासी बवाल:सपा का आरोप- 302 शोहरतगढ़ में 6000 से अधिक फर्जी और डुप्लीकेट नाम, चुनाव आयोग जाने की चेतावनी


सिद्धार्थनगर के 302-शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने आरोप लगाया है कि सूची में 6000 से अधिक फर्जी, डुप्लीकेट और लापता मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। पार्टी ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि तत्काल सुधार नहीं हुआ तो मामला निर्वाचन आयोग तक ले जाया जाएगा। यह दावा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर चलाए गए मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान के तहत पूर्व प्रत्याशी उग्रसेन सिंह ‘शोहरतगढ़’ द्वारा किया गया है। 452 बूथों की जांच में बड़ी गड़बड़ियों का दावा उग्रसेन सिंह ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के सभी 452 बूथों पर किए गए सत्यापन के दौरान मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उनके अनुसार, कई जगह एक ही नाम कई बार दर्ज है, तो कहीं मतदाता एक से अधिक बूथों पर दिख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि लगभग 6000 से अधिक नाम डुप्लीकेट, फर्जी, शिफ्टेड या लापता पाए गए हैं। बूथवार डुप्लीकेट नामों के चौंकाने वाले उदाहरण सपा द्वारा जारी दावों में कई बूथों पर एक ही नाम बार-बार दर्ज होने की बात कही गई है। उदाहरण के तौर पर बूथ संख्या 142 पर शफीक मलिक का नाम 6 बार दर्ज होने का दावा। इसी बूथ पर सुनील चौधरी का नाम दो बार। बूथ 143 पर इनामुल्लाह का नाम 5 बार और महिबुउल्लाह का नाम 3 बार। बूथ 21 और 25 पर अब्दुल्ला खान का नाम दो अलग बूथों पर दर्ज। बूथ 27 पर मनीषा तिवारी का नाम दो बार। बूथ 29 पर अंकित और सुनील के नाम दो-दो बार दर्ज। इन दावों के आधार पर सपा ने सूची को “गंभीर रूप से त्रुटिपूर्ण” बताया है। सपा का आरोप-प्रशासनिक लापरवाही चरम पर सपा नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में इस तरह की त्रुटियां चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं। पार्टी ने मांग की है कि सभी संदिग्ध नामों को तत्काल हटाकर सूची को शुद्ध किया जाए। बैठक में पदाधिकारियों की मौजूदगी इस मुद्दे पर आयोजित समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ सपा पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें विधानसभा अध्यक्ष हरिनारायण यादव, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, जिला सचिव रामू यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। उग्रसेन सिंह की चेतावनी-आंदोलन की तैयारी पूर्व प्रत्याशी उग्रसेन सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 6000 से अधिक कथित फर्जी और डुप्लीकेट नामों को सूची से नहीं हटाया गया, तो समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर निर्वाचन आयोग तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र की जड़ों से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। मतदाता सूची को पारदर्शी बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।” अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर इस पूरे मामले ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और मतदाता सूची की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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