अमेरिका और ईरान के बीच जंग अन्य क्षेत्रों तक फैलने लगी है। दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सेना ने इराक से पाकिस्तान सीमा तक फैले ईरानी क्षेत्र में भीषण बमबारी की। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिका हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की जान गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए है।
गुरुवार तड़के अमेरिका सेना ने अपने हमलों का विस्तार किया और राजधानी तेहरान के आसपास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। जवाब में आईआरजीसी ने अमेरिका के सहोयीगी खाड़ी देशों पर बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
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अमेरिका ने कहां-कहां पर किया हमला?
ईरान ने आखिरी तक प्रतिरोध दिखाने की कसम खाई। अमेरिकी सेना ने हमदान, होर्मोजगान, खुजेस्तान, लोरेस्तान, मरकजी, सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांतों पर भीषण बमबारी की। ईरान के बैलेस्टिक मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रम के गढ़ उत्तरी सेमनान प्रांत में भी हमलों की खबर है।
बुधवार की रात फारस की खाड़ी पर स्थित चाबहार शहर में भी बमबारी हुई। अमेरिकी सेना ने ईरान की नाकेबंदी भी शुरू कर दी है। इस बीच खार्ग द्वीप जाने वाले एक तेल टैंकर भी मिसाइल से हमला किया गया। अमेरिका सेना का कहना है कि कई चेतावनियों को नजरअंदाज करने के बाद जहाज पर अटैक किया गया है। ईरान के सबसे बड़े बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में आईआरजीसी और उसकी नौसेना सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया है।
होर्मुज हमारी लक्ष्मण रेखा: ईरानी सेना
ईरान की सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हाल में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका का नियंत्रण स्थापित नहीं होने देगी। बयान में कहा, ‘हम किसी भी परिस्थिति में अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य में दखल देने की अनुमति नहीं देंगे। यह ईरान की अभेद्य लक्ष्मण रेखा है।’
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खाड़ी देशों को ईरान की धमकी
ईरान हर अमेरिकी हमले का जवाब खाड़ी देशों पर पलटवार करके दे रहा है। गुरुवार तड़के ईरान ने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। धमकी भी दी कि हमलों की संख्या बढ़ भी सकती है। एक बयान में ईरान की सेना ने कहा, ‘हमारे पड़ोसियों को यह पता होना चाहिए कि अमेरिकियों को अड्डा मुहैया कराना और उन्हें ईरानी धरती पर गोलीबारी करने की अनुमति देना अस्वीकार्य है और इसका जवाब जरूर दिया जाएगा।’
ईरानी सेना के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने धमकी दी कि अगर ट्रंप ने ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमला किया तो इस क्षेत्र का सारा बुनियादी ढांचा ईरान के शक्तिशाली सशस्त्र बलों के कठोर हमलों से तबाह हो जाएगा।












