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मोहर्रम सिर्फ मातम और याद का महीना नहीं, बल्कि इंसानियत, सब्र और एकता का संदेश देने का भी अवसर माना जाता है। नगर पंचायत नगर बाजार में नवमी के मौके पर आयोजित विशाल लंगर में यही तस्वीर दिखाई दी, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर सेवा और साझा संस्कृति की मिसाल पेश की। हजरत इमाम हुसैन की याद में हुआ आयोजन मोहर्रम की नवमी पर नगर पंचायत नगर बाजार में हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीद साथियों की याद में विशाल लंगर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। खिचड़ा, बिरयानी और शरबत का किया गया वितरण लंगर में श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए खिचड़ा, बिरयानी, मिठाइयां और शरबत सहित विभिन्न खाद्य सामग्री वितरित की गई। लोगों ने सेवा भाव से आयोजन में सहयोग किया। कुरानख्वानी और मजलिस का भी हुआ आयोजन धार्मिक कार्यक्रम के तहत कुरानख्वानी, फातिहाख्वानी और मजलिस आयोजित की गई। अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने सुनाया कर्बला का पैगाम मजलिस को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को इंसानियत, सच्चाई और इंसाफ की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश हर दौर में प्रासंगिक है। अमन और भाईचारे का दिया संदेश कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि मोहर्रम समाज को धैर्य, सहिष्णुता और सामाजिक एकता का संदेश देता है। लोगों से आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की गई। बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद इस अवसर पर मास्टर जमील, मास्टर अब्दुल माबूद, डॉ. हबीबुल्लाह, मोहम्मद कलीम, फरीद खान, हसन अली, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद अहमद, शम्सुल हुडा, कमरुल हुडा, जीशान अंसारी, मोहम्मद अहमद नूरानी, प्रधान सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ के साथ हुआ।
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बस्ती में नौवी मोहर्रम के लंगर में उमड़ी अकीदत:खिचड़ा-बिरयानी बांटी गई, मजलिस में गूंजा इंसानियत और भाईचारे का संदेश
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