रामनगर, सेमरा और नानपारा सहित आसपास के क्षेत्रों में सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों ने सराफा बाजार पर गहरा असर डाला है। सहालग (विवाह) का मौसम होने के बावजूद बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं दिख रही है, जिससे कारोबार 50 प्रतिशत तक सिमट गया है। वर्तमान में चांदी की कीमत ढाई लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गई है, जबकि सोना 14,500 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। सराफा कारोबारियों के अनुसार, पिछले कई महीनों से सोने और चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। सराफा कारोबारी अनील कुमार ने बताया कि इस महीने में ही चांदी के दाम में 50 से 60 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जहां पहले सहालग के मौसम में ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, वहीं अब लोग दाम सुनकर ही पीछे हट जा रहे हैं। बेलवा भारी डागरा अवधूत गांव स्थित एक सराफा दुकान में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। इसी दौरान, अखिलेश शर्मा ने बताया कि वह परिवार में शादी समारोह के लिए शगुन में चांदी की पायल खरीदने बाजार आई थीं, लेकिन बढ़ती कीमतों के कारण उनका बजट बिगड़ गया। अब उन्हें बिछिया से ही काम चलाना पड़ेगा। एक अन्य कारोबारी गुड्डू सराफा के अनुसार, उनका कारोबार 30 से 40 प्रतिशत तक सिमट गया है। व्यापारी नुकसान झेल रहे हैं और छोटे दुकानदारों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।
बहराइच में सराफा कारोबार 50% तक सिमटा: सहालग में भी बाजार सूना, दाम सुनकर लौट रहे ग्राहक – Ramnagar Semra(Nanpara) News
रामनगर, सेमरा और नानपारा सहित आसपास के क्षेत्रों में सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों ने सराफा बाजार पर गहरा असर डाला है। सहालग (विवाह) का मौसम होने के बावजूद बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं दिख रही है, जिससे कारोबार 50 प्रतिशत तक सिमट गया है। वर्तमान में चांदी की कीमत ढाई लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गई है, जबकि सोना 14,500 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। सराफा कारोबारियों के अनुसार, पिछले कई महीनों से सोने और चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। सराफा कारोबारी अनील कुमार ने बताया कि इस महीने में ही चांदी के दाम में 50 से 60 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जहां पहले सहालग के मौसम में ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, वहीं अब लोग दाम सुनकर ही पीछे हट जा रहे हैं। बेलवा भारी डागरा अवधूत गांव स्थित एक सराफा दुकान में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। इसी दौरान, अखिलेश शर्मा ने बताया कि वह परिवार में शादी समारोह के लिए शगुन में चांदी की पायल खरीदने बाजार आई थीं, लेकिन बढ़ती कीमतों के कारण उनका बजट बिगड़ गया। अब उन्हें बिछिया से ही काम चलाना पड़ेगा। एक अन्य कारोबारी गुड्डू सराफा के अनुसार, उनका कारोबार 30 से 40 प्रतिशत तक सिमट गया है। व्यापारी नुकसान झेल रहे हैं और छोटे दुकानदारों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।









































