झुलनीपुर निचलौल ब्लॉक के मिश्रौलिया और बैठवलिया गांवों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर बुधवार को ‘गृह संपर्क महाअभियान’ का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर अक्षत वितरण किया और लोगों को 9 जनवरी, शुक्रवार को मिनी स्टेडियम बैठवलिया में होने वाले विराट हिंदू सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया। ‘आओ बनाएं समर्थ भारत’ के नारे के साथ, संघ के स्वयंसेवक गांव-गांव और घर-घर जाकर संगठन की स्थापना, उद्देश्यों, कार्यक्रमों और सेवा गतिविधियों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रहे हैं। स्वयंसेवक शिवचरण वर्मा, डॉ. रतन लाल श्रीवास्तव और उमाशंकर पाल ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को संघ के कार्यों और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका से अवगत कराना है। स्वयंसेवक लोगों से सीधे संवाद कर संघ के इतिहास, उसके विस्तार और समाज सेवा से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। संघ कार्यकर्ताओं ने बताया कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 की विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। सौ वर्ष पूरे होने तक संघ एक विशाल सामाजिक संगठन के रूप में विकसित हो चुका है, जिसका लक्ष्य एक संगठित, सक्षम और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है। डॉ. हेडगेवार का मानना था कि राष्ट्र की मजबूती का आधार समाज का संगठन और अनुशासन है, और इसी सिद्धांत पर आरएसएस की कार्यसंस्कृति आधारित है। सेवा प्रकल्पों के माध्यम से समाज से संघ का प्रत्यक्ष जुड़ाव निरंतर बढ़ रहा है।
आरएसएस के 100 वर्ष पूर्ण, गृह संपर्क महाअभियान शुरू: बहुआर में स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर अक्षत वितरण किया – Bahuar(Nichlaul) News
झुलनीपुर निचलौल ब्लॉक के मिश्रौलिया और बैठवलिया गांवों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर बुधवार को ‘गृह संपर्क महाअभियान’ का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर अक्षत वितरण किया और लोगों को 9 जनवरी, शुक्रवार को मिनी स्टेडियम बैठवलिया में होने वाले विराट हिंदू सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया। ‘आओ बनाएं समर्थ भारत’ के नारे के साथ, संघ के स्वयंसेवक गांव-गांव और घर-घर जाकर संगठन की स्थापना, उद्देश्यों, कार्यक्रमों और सेवा गतिविधियों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रहे हैं। स्वयंसेवक शिवचरण वर्मा, डॉ. रतन लाल श्रीवास्तव और उमाशंकर पाल ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को संघ के कार्यों और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका से अवगत कराना है। स्वयंसेवक लोगों से सीधे संवाद कर संघ के इतिहास, उसके विस्तार और समाज सेवा से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। संघ कार्यकर्ताओं ने बताया कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 की विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। सौ वर्ष पूरे होने तक संघ एक विशाल सामाजिक संगठन के रूप में विकसित हो चुका है, जिसका लक्ष्य एक संगठित, सक्षम और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है। डॉ. हेडगेवार का मानना था कि राष्ट्र की मजबूती का आधार समाज का संगठन और अनुशासन है, और इसी सिद्धांत पर आरएसएस की कार्यसंस्कृति आधारित है। सेवा प्रकल्पों के माध्यम से समाज से संघ का प्रत्यक्ष जुड़ाव निरंतर बढ़ रहा है।





































