नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू हटाए जाने के बावजूद सोनौली सीमा पर वाहनों का लंबा जाम लगा हुआ है। दो दिनों तक नेपाल के पूर्वी क्षेत्र में जाने वाली गाड़ियों को रोके जाने के कारण यह स्थिति बनी है। सीमा पर अभी भी लगभग 6 किलोमीटर लंबा जाम है, जिससे सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं। चार दिन से फंसे ट्रक चालक दुश्वारियों का सामना कर रहे हैं। वहीं, नेपाल के कारोबारियों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ गया है, क्योंकि देरी के कारण उन्हें अतिरिक्त किराया चुकाना पड़ रहा है। भंसार (कस्टम) पर अचानक अधिक गाड़ियों का दबाव बढ़ने से पास होने में समस्या आ रही है। भंसार परिसर के गेट पर ट्रकों की एंट्री धीमी होने के कारण प्रतिदिन लगभग 400 गाड़ियां नेपाल में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं। मंगलवार को 396, बुधवार को 334 और गुरुवार को करीब 350 गाड़ियां ही नेपाल में प्रवेश कर सकी थीं। दिन में पर्यटक गाड़ियों की आवाजाही के कारण भी भारतीय ट्रकों के प्रवेश की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है। जाम के कारण सीमा से एक लेन पूरी तरह से अवरुद्ध है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। भारत से नेपाल आयात के लिए जरूरी सामान ले जाने वाले सैकड़ों ट्रक बीते शुक्रवार से फंसे हुए हैं, और आने वाले वाहनों को नेपाल जाने में चार से पांच दिन लग रहे हैं। इस जाम से आम आदमी के साथ-साथ वाहन चालकों की भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। सीमा पर नेपाल की घटना को लेकर पुलिस और एसएसबी के जवान अलर्ट पर हैं। नेपाल से आने और जाने वाले वाहनों तथा यात्रियों की जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही हैं। कोतवाल महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि नेपाल भंसार के अधिकारियों को मालवाहक ट्रकों के संबंध में जानकारी दी गई है।
नेपाल हिंसा के बाद सोनौली बॉर्डर पर लंबा जाम: सैकड़ों ट्रक फंसे, कारोबारियों को भारी नुकसान – Nautanwa(Nautanwa) News
नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू हटाए जाने के बावजूद सोनौली सीमा पर वाहनों का लंबा जाम लगा हुआ है। दो दिनों तक नेपाल के पूर्वी क्षेत्र में जाने वाली गाड़ियों को रोके जाने के कारण यह स्थिति बनी है। सीमा पर अभी भी लगभग 6 किलोमीटर लंबा जाम है, जिससे सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं। चार दिन से फंसे ट्रक चालक दुश्वारियों का सामना कर रहे हैं। वहीं, नेपाल के कारोबारियों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ गया है, क्योंकि देरी के कारण उन्हें अतिरिक्त किराया चुकाना पड़ रहा है। भंसार (कस्टम) पर अचानक अधिक गाड़ियों का दबाव बढ़ने से पास होने में समस्या आ रही है। भंसार परिसर के गेट पर ट्रकों की एंट्री धीमी होने के कारण प्रतिदिन लगभग 400 गाड़ियां नेपाल में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं। मंगलवार को 396, बुधवार को 334 और गुरुवार को करीब 350 गाड़ियां ही नेपाल में प्रवेश कर सकी थीं। दिन में पर्यटक गाड़ियों की आवाजाही के कारण भी भारतीय ट्रकों के प्रवेश की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है। जाम के कारण सीमा से एक लेन पूरी तरह से अवरुद्ध है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। भारत से नेपाल आयात के लिए जरूरी सामान ले जाने वाले सैकड़ों ट्रक बीते शुक्रवार से फंसे हुए हैं, और आने वाले वाहनों को नेपाल जाने में चार से पांच दिन लग रहे हैं। इस जाम से आम आदमी के साथ-साथ वाहन चालकों की भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। सीमा पर नेपाल की घटना को लेकर पुलिस और एसएसबी के जवान अलर्ट पर हैं। नेपाल से आने और जाने वाले वाहनों तथा यात्रियों की जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही हैं। कोतवाल महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि नेपाल भंसार के अधिकारियों को मालवाहक ट्रकों के संबंध में जानकारी दी गई है।










































