बलरामपुर। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर कांग्रेस ने बलरामपुर जिले में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मनरेगा का नाम बदलने और योजना को कथित रूप से कमजोर करने के विरोध में जिलेभर में आंदोलन शुरू किया गया है। इसी क्रम में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय उपवास रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म कर गरीबों और मजदूरों से रोजगार छीनने की साजिश रच रही है। उनका कहना है कि मनरेगा का नाम बदलना सीधे तौर पर मजदूर वर्ग पर हमला है। इससे सौ दिन के रोजगार की गारंटी कमजोर होगी और मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी पर भी संकट खड़ा हो जाएगा। शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष शिवलाल, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज सिंह और मनरेगा बचाओ संग्राम समिति के कोऑर्डिनेटर विनय मिश्रा ने सरकार की नीतियों की आलोचना की। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा के माध्यम से गरीबों को सम्मानजनक रोजगार का अधिकार दिया था, जिसे वर्तमान सरकार छीनने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मनरेगा से छेड़छाड़ बंद नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय से लेकर गांव-गांव तक कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे। कांग्रेस का मानना है कि यह लड़ाई केवल एक योजना के नाम बदलने की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों गरीब और मेहनतकश लोगों के हक और सम्मान की है। पार्टी ने कहा कि इस अधिकार को किसी भी कीमत पर कुर्बान नहीं होने दिया जाएगा।
कांग्रेस ने मनरेगा में बदलाव के खिलाफ खोला मोर्चा:कलेक्ट्रेट पर उपवास, गांव-गांव तक आंदोलन की चेतावनी
बलरामपुर। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर कांग्रेस ने बलरामपुर जिले में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मनरेगा का नाम बदलने और योजना को कथित रूप से कमजोर करने के विरोध में जिलेभर में आंदोलन शुरू किया गया है। इसी क्रम में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय उपवास रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म कर गरीबों और मजदूरों से रोजगार छीनने की साजिश रच रही है। उनका कहना है कि मनरेगा का नाम बदलना सीधे तौर पर मजदूर वर्ग पर हमला है। इससे सौ दिन के रोजगार की गारंटी कमजोर होगी और मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी पर भी संकट खड़ा हो जाएगा। शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष शिवलाल, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज सिंह और मनरेगा बचाओ संग्राम समिति के कोऑर्डिनेटर विनय मिश्रा ने सरकार की नीतियों की आलोचना की। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा के माध्यम से गरीबों को सम्मानजनक रोजगार का अधिकार दिया था, जिसे वर्तमान सरकार छीनने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मनरेगा से छेड़छाड़ बंद नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय से लेकर गांव-गांव तक कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे। कांग्रेस का मानना है कि यह लड़ाई केवल एक योजना के नाम बदलने की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों गरीब और मेहनतकश लोगों के हक और सम्मान की है। पार्टी ने कहा कि इस अधिकार को किसी भी कीमत पर कुर्बान नहीं होने दिया जाएगा।









































