पनियरा ब्लॉक परिसर में बुधवार को बन रहे तीन मंजिला सरकारी भवन में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगा है। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सतीष सिंह ने निर्माण कार्यदाई संस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यह भवन लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया है। सतीष सिंह ने बताया कि जब उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर देखा, तो पाया कि भवन निर्माण में घटिया ईंटों का प्रयोग किया जा रहा था। उन्होंने इसे एक गंभीर मुद्दा बताया, क्योंकि यह भवन सरकारी कर्मचारियों और आम जनता के उपयोग के लिए बनाया जा रहा है। सिंह ने सवाल उठाया कि जब सरकार द्वारा पूरा बजट उपलब्ध कराया गया है, तो गुणवत्ता से समझौता क्यों किया जा रहा है। प्रधान संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य मनमाने तरीके से किया जा रहा है और कार्यदाई संस्था नियमों व मानकों का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। सतीष सिंह ने जिलाधिकारी से मांग की है कि वे स्वयं निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता की जांच कराएं। उन्होंने निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की तकनीकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी अपील की। सिंह के अनुसार, इस तरह की लापरवाही से सरकार की छवि खराब होती है और जनता का विश्वास कमजोर पड़ता है। वही इस मामले में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार भारती का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर कई बार फोन किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठ सका।
तीन मंजिला सरकारी भवन में घटिया सामग्री का आरोप: पनियरा में प्रधान संघ अध्यक्ष ने डीएम से जांच की मांग की – Paniyara(Maharajganj) News
पनियरा ब्लॉक परिसर में बुधवार को बन रहे तीन मंजिला सरकारी भवन में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगा है। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सतीष सिंह ने निर्माण कार्यदाई संस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यह भवन लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया है। सतीष सिंह ने बताया कि जब उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर देखा, तो पाया कि भवन निर्माण में घटिया ईंटों का प्रयोग किया जा रहा था। उन्होंने इसे एक गंभीर मुद्दा बताया, क्योंकि यह भवन सरकारी कर्मचारियों और आम जनता के उपयोग के लिए बनाया जा रहा है। सिंह ने सवाल उठाया कि जब सरकार द्वारा पूरा बजट उपलब्ध कराया गया है, तो गुणवत्ता से समझौता क्यों किया जा रहा है। प्रधान संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य मनमाने तरीके से किया जा रहा है और कार्यदाई संस्था नियमों व मानकों का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। सतीष सिंह ने जिलाधिकारी से मांग की है कि वे स्वयं निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता की जांच कराएं। उन्होंने निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की तकनीकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी अपील की। सिंह के अनुसार, इस तरह की लापरवाही से सरकार की छवि खराब होती है और जनता का विश्वास कमजोर पड़ता है। वही इस मामले में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार भारती का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर कई बार फोन किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठ सका।











































