बहराइच के बिशेश्वरगंज में बाल विकास परियोजना के तहत संचालित 199 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल 96 केंद्रों पर ही विभाग द्वारा फोम मेज और मैटी उपलब्ध कराए जाने का मामला सामने आया है। इस स्थिति के भौतिक सत्यापन के लिए नायब तहसीलदार शैलेश कुमार ने अपनी राजस्व टीम के साथ निरीक्षण किया। सत्यापन अभियान के दौरान नायब तहसीलदार शैलेश कुमार के साथ लेखपाल शिव नाथ पांडेय और एडीओ सूर्य बक्स सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बाल विकास परियोजना कार्यालय बिशेश्वरगंज में हुए इस सत्यापन के समय सीडीपीओ दीपा गुप्ता अपने पूरे स्टाफ के साथ उपस्थित थीं। संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्रियां भी मौके पर मौजूद रहीं, जिन्होंने अभिलेखों के आधार पर सामग्री की उपलब्धता की पुष्टि कराई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपलब्ध संसाधनों का अभिलेखों से मिलान किया। जिन केंद्रों पर सामग्री उपलब्ध नहीं पाई गई, उन्हें चिह्नित किया गया। नायब तहसीलदार ने संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शेष केंद्रों पर शीघ्र फोम मेज और मैटी उपलब्ध कराने तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस सत्यापन अभियान को आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बिशेश्वरगंज के 199 आंगनबाड़ी केंद्रों में 96 पर ही सामग्री: नायब तहसीलदार ने फोम मेज व मैटी की उपलब्धता का किया सत्यापन – Visheshwarganj(Bahraich) News
बहराइच के बिशेश्वरगंज में बाल विकास परियोजना के तहत संचालित 199 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल 96 केंद्रों पर ही विभाग द्वारा फोम मेज और मैटी उपलब्ध कराए जाने का मामला सामने आया है। इस स्थिति के भौतिक सत्यापन के लिए नायब तहसीलदार शैलेश कुमार ने अपनी राजस्व टीम के साथ निरीक्षण किया। सत्यापन अभियान के दौरान नायब तहसीलदार शैलेश कुमार के साथ लेखपाल शिव नाथ पांडेय और एडीओ सूर्य बक्स सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बाल विकास परियोजना कार्यालय बिशेश्वरगंज में हुए इस सत्यापन के समय सीडीपीओ दीपा गुप्ता अपने पूरे स्टाफ के साथ उपस्थित थीं। संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्रियां भी मौके पर मौजूद रहीं, जिन्होंने अभिलेखों के आधार पर सामग्री की उपलब्धता की पुष्टि कराई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपलब्ध संसाधनों का अभिलेखों से मिलान किया। जिन केंद्रों पर सामग्री उपलब्ध नहीं पाई गई, उन्हें चिह्नित किया गया। नायब तहसीलदार ने संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शेष केंद्रों पर शीघ्र फोम मेज और मैटी उपलब्ध कराने तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस सत्यापन अभियान को आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










































