नगर पंचायत भारत भारी के मोतीगंज चौराहे पर मंगलवार शाम हुए सड़क हादसे में एक इलेक्ट्रॉनिक टेम्पो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में टेम्पो में सवार आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार और अनियंत्रित आवागमन के चलते यह हादसा हुआ, जिसमें टेम्पो बुरी तरह से क्षतिग्रस हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को टेम्पो से बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों को हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, लेकिन सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद कुछ देर के लिए चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय नागरिकों में बृजेश गुप्ता, बालाजी, अजय कुमार, रियाज अहमद का कहना है कि मोतीगंज चौराहा पहले से ही दुर्घटनाओं के लिहाज से एक संवेदनशील स्थान है। यहां अक्सर तेज रफ्तार वाहनों, अव्यवस्थित यातायात और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हादसे होते रहते हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष देखा गया। उन्होंने मोतीगंज चौराहे पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग को एक बार फिर तेज कर दिया है। लोगों का कहना है कि यदि चौराहे पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और ट्रैफिक नियंत्रण की उचित व्यवस्था की जाए तो इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द इस दिशा में कार्रवाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। यह दुर्घटना एक बार फिर मोतीगंज चौराहे की बदहाल यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है।
मोतीगंज चौराहे पर सड़क हादसा:हादसे में आठ लोग घायल, इलेक्ट्रॉनिक टेम्पो हुआ क्षतिग्रस्त
नगर पंचायत भारत भारी के मोतीगंज चौराहे पर मंगलवार शाम हुए सड़क हादसे में एक इलेक्ट्रॉनिक टेम्पो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में टेम्पो में सवार आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार और अनियंत्रित आवागमन के चलते यह हादसा हुआ, जिसमें टेम्पो बुरी तरह से क्षतिग्रस हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को टेम्पो से बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों को हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, लेकिन सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद कुछ देर के लिए चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय नागरिकों में बृजेश गुप्ता, बालाजी, अजय कुमार, रियाज अहमद का कहना है कि मोतीगंज चौराहा पहले से ही दुर्घटनाओं के लिहाज से एक संवेदनशील स्थान है। यहां अक्सर तेज रफ्तार वाहनों, अव्यवस्थित यातायात और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हादसे होते रहते हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष देखा गया। उन्होंने मोतीगंज चौराहे पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग को एक बार फिर तेज कर दिया है। लोगों का कहना है कि यदि चौराहे पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और ट्रैफिक नियंत्रण की उचित व्यवस्था की जाए तो इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द इस दिशा में कार्रवाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। यह दुर्घटना एक बार फिर मोतीगंज चौराहे की बदहाल यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है।





































