महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर क्षेत्र स्थित फरेंदी तिवारी गांव में रविवार को लगभग 14 फीट लंबा एक विशालकाय अजगर देखा गया। अजगर के दिखाई देने से गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन्य जीव रक्षक रामबचन साहनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पूरी सावधानी और विशेषज्ञता के साथ अजगर को रेस्क्यू किया गया। यह अजगर गांव के पास झाड़ियों और खेतों के बीच दिखाई दिया था, जहां लोगों की आवाजाही रहती है। वन्य जीव रक्षक रामबचन साहनी ने बताया कि अजगर पूरी तरह सुरक्षित है और उसने किसी भी ग्रामीण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। रेस्क्यू के बाद अजगर को वन क्षेत्र में एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि ऐसे वन्य जीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचित करें। ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और राहत महसूस की। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में अक्सर जंगली जानवर निकल आते हैं, ऐसे में प्रशासन और वन विभाग की सजगता महत्वपूर्ण है। इस घटना ने एक बार फिर समय पर सूचना और सही कार्रवाई के महत्व को दर्शाया।
महराजगंज के सोनौली बॉर्डर पर दिखा 14 फीट लंबा अजगर: वन्य जीव रक्षक ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा – Nichlaul News
महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर क्षेत्र स्थित फरेंदी तिवारी गांव में रविवार को लगभग 14 फीट लंबा एक विशालकाय अजगर देखा गया। अजगर के दिखाई देने से गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन्य जीव रक्षक रामबचन साहनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पूरी सावधानी और विशेषज्ञता के साथ अजगर को रेस्क्यू किया गया। यह अजगर गांव के पास झाड़ियों और खेतों के बीच दिखाई दिया था, जहां लोगों की आवाजाही रहती है। वन्य जीव रक्षक रामबचन साहनी ने बताया कि अजगर पूरी तरह सुरक्षित है और उसने किसी भी ग्रामीण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। रेस्क्यू के बाद अजगर को वन क्षेत्र में एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि ऐसे वन्य जीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचित करें। ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और राहत महसूस की। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में अक्सर जंगली जानवर निकल आते हैं, ऐसे में प्रशासन और वन विभाग की सजगता महत्वपूर्ण है। इस घटना ने एक बार फिर समय पर सूचना और सही कार्रवाई के महत्व को दर्शाया।






































