राप्ती नदी तट स्थित परशुराम वाटिका में मौनी अमावस्या मेले के अवसर पर धर्म रक्षा मंच द्वारा आयोजित दो दिवसीय राम राम कुश्ती दंगल संपन्न हो गया। दंगल के दूसरे दिन देर रात तक चले मुकाबलों में पहलवानों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में नरेश पहलवान पंजाब ने राम राम केसरी का खिताब जीता। रविवार को दंगल के दूसरे दिन नेपाल, भूटान सहित भारत के कई राज्यों से आए पहलवानों ने कुश्ती के दांव-पेंच दिखाए। इस वर्ष दंगल में 56 से अधिक पहलवानों ने हिस्सा लिया। हजारों की संख्या में दर्शक इन रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए जुटे रहे। दंगल के पहले और दूसरे दिन कुल 72 से अधिक कुश्तियां हुईं, जिनके लिए 1100 रुपये से लेकर 21000 रुपये तक के पुरस्कार रखे गए थे। विजेता पहलवानों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। दंगल के दूसरे दिन महामुकाबले का आयोजन किया गया। इसमें शनिवार को विजयी हुए पहलवानों के बीच 16 कुश्तियां हुईं, जिसके बाद क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फाइनल मुकाबले खेले गए। फाइनल कुश्ती नरेश पहलवान पंजाब और सर्वेश तिवारी उत्तर प्रदेश केशरी के बीच हुई, जिसमें नरेश पहलवान विजयी रहे। उन्हें राम राम केसरी की उपाधि के साथ 21 हजार रुपये नकद, गदा और मोमेंटो प्रदान किया गया। उपविजेता सर्वेश तिवारी को 5100 रुपये देकर सम्मानित किया गया। राम राम केसरी खिताब के लिए विक्की, चिम चिम डोगरा, लक्की थापा, पंडित थापा, सर्वेश तिवारी, नरेश, शास्त्री और शमशेर जैसे पहलवानों के बीच कुल 16 कुश्तियां हुईं। इनमें चिम चिम डोगरा को हराकर सर्वेश तिवारी विजयी रहे, जबकि नरेश पहलवान ने शमशेर को हराया। लक्की थापा ने शास्त्री को पराजित किया। पंडित थापा और विक्की की कुश्ती बराबरी पर छूटी, जिसमें टॉस के बाद पंडित थापा क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। फाइनल कुश्ती का शुभारंभ बस्ती मंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक संजीव त्यागी, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन और पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पहलवानों से हाथ मिलवाकर करवाया।
नरेश पहलवान पंजाब बने राम राम केसरी:धर्म रक्षा मंच के दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम
राप्ती नदी तट स्थित परशुराम वाटिका में मौनी अमावस्या मेले के अवसर पर धर्म रक्षा मंच द्वारा आयोजित दो दिवसीय राम राम कुश्ती दंगल संपन्न हो गया। दंगल के दूसरे दिन देर रात तक चले मुकाबलों में पहलवानों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में नरेश पहलवान पंजाब ने राम राम केसरी का खिताब जीता। रविवार को दंगल के दूसरे दिन नेपाल, भूटान सहित भारत के कई राज्यों से आए पहलवानों ने कुश्ती के दांव-पेंच दिखाए। इस वर्ष दंगल में 56 से अधिक पहलवानों ने हिस्सा लिया। हजारों की संख्या में दर्शक इन रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए जुटे रहे। दंगल के पहले और दूसरे दिन कुल 72 से अधिक कुश्तियां हुईं, जिनके लिए 1100 रुपये से लेकर 21000 रुपये तक के पुरस्कार रखे गए थे। विजेता पहलवानों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। दंगल के दूसरे दिन महामुकाबले का आयोजन किया गया। इसमें शनिवार को विजयी हुए पहलवानों के बीच 16 कुश्तियां हुईं, जिसके बाद क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फाइनल मुकाबले खेले गए। फाइनल कुश्ती नरेश पहलवान पंजाब और सर्वेश तिवारी उत्तर प्रदेश केशरी के बीच हुई, जिसमें नरेश पहलवान विजयी रहे। उन्हें राम राम केसरी की उपाधि के साथ 21 हजार रुपये नकद, गदा और मोमेंटो प्रदान किया गया। उपविजेता सर्वेश तिवारी को 5100 रुपये देकर सम्मानित किया गया। राम राम केसरी खिताब के लिए विक्की, चिम चिम डोगरा, लक्की थापा, पंडित थापा, सर्वेश तिवारी, नरेश, शास्त्री और शमशेर जैसे पहलवानों के बीच कुल 16 कुश्तियां हुईं। इनमें चिम चिम डोगरा को हराकर सर्वेश तिवारी विजयी रहे, जबकि नरेश पहलवान ने शमशेर को हराया। लक्की थापा ने शास्त्री को पराजित किया। पंडित थापा और विक्की की कुश्ती बराबरी पर छूटी, जिसमें टॉस के बाद पंडित थापा क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। फाइनल कुश्ती का शुभारंभ बस्ती मंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक संजीव त्यागी, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन और पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पहलवानों से हाथ मिलवाकर करवाया।





































