बकवा में मनरेगा बचाओ संग्राम की ग्राम चौपाल:केंद्र सरकार पर कानून कमजोर करने का आरोप, मजदूरों ने की एकजुटता की अपील

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श्रावस्ती जनपद के सिरसिया विकासखंड की ग्राम पंचायत बकवा में रविवार को ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित इस चौपाल में ग्रामीणों, मजदूरों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान मनरेगा कानून को बचाने और इसे मजबूत करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन बढ़ेगा और विकास कार्य प्रभावित होंगे। ग्राम चौपाल को संबोधित करते हुए मनरेगा बचाओ संग्राम श्रावस्ती के जिला कोऑर्डिनेटर पं. अमन पाण्डेय एडवोकेट ने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों का कानूनी अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मनरेगा का नाम बदल दिया है, लेकिन मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने और उन्हें पर्याप्त काम उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक इमरान मलिक ने कहा कि मनरेगा गांवों के विकास और गरीबों को रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार मनरेगा को बंद करके ग्रामीण विकास को रोकना चाहती है। मलिक ने मनरेगा को बचाने को हर मजदूर और ग्रामीण की आवश्यकता बताया। इस अवसर पर जैन खान, मंडल अध्यक्ष रविंद्र शुक्ला, बरसाती लाल यादव, रजनीश तिवारी, मुबारक खां सहित कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और मनरेगा को बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया।

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