बलरामपुर के उतरौला स्थित जय बाबा श्री दुःखहरण सेवा समिति ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। समिति ने रेडिएंट पब्लिक जूनियर हाई स्कूल में दो जरूरतमंद विद्यार्थियों के आठ महीने के वार्षिक शैक्षिक शुल्क का भुगतान किया है। यह राशि सत्र के अंतिम समय में चेक के माध्यम से जमा की गई। भुगतान में अगस्त से मार्च तक के आठ महीनों की फीस और दो परीक्षाओं का शुल्क शामिल है। यह चेक आज विद्यालय प्रांगण में सौंपा गया। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी अरुण गोस्वामी पिंटु गिरि, उत्तराधिकारी त्रिपुरारी गिरि उर्फ शानू और व्यवस्थापक मंडल के सहव्यवस्थापक अर्पित गुप्ता ने विद्यालय प्रबंधन को चेक सौंपा। रेडिएंट पब्लिक जूनियर हाई स्कूल के प्रबंधक सुरेश कुमार गुप्ता हैं। समिति ने इस पहल के साथ आम जनमानस से भी सहयोग की अपील की। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग अपनी क्षमतानुसार योगदान दें, तो कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। समिति का उद्देश्य “समाज के पिछड़े, शोषित और निम्न वर्ग की सेवा को समर्पित एक गैर सरकारी संस्था” के रूप में कार्य करना है। समिति का यह प्रयास केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का एक जीवंत उदाहरण है। विद्यालय प्रबंधन और उपस्थित लोगों ने समिति के इस कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।
जय बाबा श्री दुःखहरण सेवा समिति ने शुल्क भुगतान किया:उतरौला में दो जरूरतमंद छात्रों की 8 माह की फीस जमा कराई
बलरामपुर के उतरौला स्थित जय बाबा श्री दुःखहरण सेवा समिति ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। समिति ने रेडिएंट पब्लिक जूनियर हाई स्कूल में दो जरूरतमंद विद्यार्थियों के आठ महीने के वार्षिक शैक्षिक शुल्क का भुगतान किया है। यह राशि सत्र के अंतिम समय में चेक के माध्यम से जमा की गई। भुगतान में अगस्त से मार्च तक के आठ महीनों की फीस और दो परीक्षाओं का शुल्क शामिल है। यह चेक आज विद्यालय प्रांगण में सौंपा गया। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी अरुण गोस्वामी पिंटु गिरि, उत्तराधिकारी त्रिपुरारी गिरि उर्फ शानू और व्यवस्थापक मंडल के सहव्यवस्थापक अर्पित गुप्ता ने विद्यालय प्रबंधन को चेक सौंपा। रेडिएंट पब्लिक जूनियर हाई स्कूल के प्रबंधक सुरेश कुमार गुप्ता हैं। समिति ने इस पहल के साथ आम जनमानस से भी सहयोग की अपील की। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग अपनी क्षमतानुसार योगदान दें, तो कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। समिति का उद्देश्य “समाज के पिछड़े, शोषित और निम्न वर्ग की सेवा को समर्पित एक गैर सरकारी संस्था” के रूप में कार्य करना है। समिति का यह प्रयास केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का एक जीवंत उदाहरण है। विद्यालय प्रबंधन और उपस्थित लोगों ने समिति के इस कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।









































