बलरामपुर के श्रीदत्तगंज स्थित ग्राम पंचायत गौर रमवापुर आजादी के कई दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही है। यहां स्वास्थ्य, शिक्षा, सफाई, सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी संतोषजनक स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं। यह बातें ग्राम सभा गौर रमवापुर से प्रधान पद के संभावित प्रत्याशी इमरान खान ने कही हैं। इमरान खान ने कहा कि वर्तमान और पूर्व प्रधानों के कार्यकाल में विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के बजाय अधिकांश योजनाएं कागजों तक सीमित रहीं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी वर्गों तक समान रूप से नहीं पहुंच सका, जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि गांव में नियमित सफाई व्यवस्था, पक्की सड़कों और नालियों की स्थिति चिंताजनक है। वहीं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इमरान खान ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि आगामी पंचायत चुनाव में आरक्षण सामान्य रहा, तो वे प्रधान पद का चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि अवसर मिलने पर पारदर्शी, जवाबदेह और समावेशी विकास उनकी प्राथमिकता होगी। गांव के समग्र विकास के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर उसे समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
गौर रमवापुर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव:प्रधान पद के संभावित प्रत्याशी इमरान खान ने उठाए सवाल
बलरामपुर के श्रीदत्तगंज स्थित ग्राम पंचायत गौर रमवापुर आजादी के कई दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही है। यहां स्वास्थ्य, शिक्षा, सफाई, सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी संतोषजनक स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं। यह बातें ग्राम सभा गौर रमवापुर से प्रधान पद के संभावित प्रत्याशी इमरान खान ने कही हैं। इमरान खान ने कहा कि वर्तमान और पूर्व प्रधानों के कार्यकाल में विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के बजाय अधिकांश योजनाएं कागजों तक सीमित रहीं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी वर्गों तक समान रूप से नहीं पहुंच सका, जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि गांव में नियमित सफाई व्यवस्था, पक्की सड़कों और नालियों की स्थिति चिंताजनक है। वहीं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इमरान खान ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि आगामी पंचायत चुनाव में आरक्षण सामान्य रहा, तो वे प्रधान पद का चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि अवसर मिलने पर पारदर्शी, जवाबदेह और समावेशी विकास उनकी प्राथमिकता होगी। गांव के समग्र विकास के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर उसे समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।










































