निचलौल में जंगली-बिल्ली के बच्चे को ग्रामीणों ने समझा तेंदुआ: स्थानीय लोगों में मची दहशत; वनकर्मियों ने कहा- पुष्टि किए बिना अफवाह न फैलाएं – Maharajganj News

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निचलौल वन क्षेत्र में तेंदुए के बच्चे मिलने की सूचना भ्रामक निकली। दरअसल, गन्ने के खेत में जंगली बिल्ली के दो बच्चे पाए गए, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने गलती से तेंदुए का बच्चा समझ लिया था। जानिए कैसे फैली अफवाह… वन क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार राव ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 10 बजे लेदी फार्म के पास गन्ने के खेत में एक तेंदुआ अपने बच्चे के साथ छिपे होने की सूचना मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निचलौल रेंज के वनकर्मियों की एक टीम गठित कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। गन्ने के खेत में मिले दो बिल्ली के बच्चे सर्च अभियान के दौरान सुबह लगभग 11 बजे गन्ने के खेत की गहन छानबीन की गई। इसमें तेंदुआ या उसके बच्चे के होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। हालांकि, खेत के भीतर जंगली बिल्ली (फेलिस चाउस) के दो बच्चे मिले। वन विभाग के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों ने जंगली बिल्ली के बच्चों को तेंदुए का बच्चा बताकर भ्रामक सूचना फैलाई थी। वन विभाग ने जंगली बिल्ली के बच्चों को सुरक्षित रूप से उसी गन्ने के खेत में छोड़ दिया है। साथ ही, वनकर्मियों द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे वन्यजीवों से संबंधित किसी भी सूचना की पुष्टि किए बिना अफवाह न फैलाएं।
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