आंगनबाड़ी भर्ती में 1.40 लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप:2 बाबू और 1 बिचौलिया गिरफ्तार, DM ने जांच के आदेश दिए

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बलरामपुर में आंगनबाड़ी कार्यकत्री भर्ती प्रक्रिया में रिश्वत लेने के आरोप में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में दो सरकारी बाबू और एक बिचौलिये को गिरफ्तार किया गया है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के सख्त रुख के बाद यह कार्रवाई सामने आई है। यह मामला विकास खंड तुलसीपुर के ग्राम लालबोझी में आंगनबाड़ी कार्यकत्री चयन के नाम पर पैसे के लेन-देन की शिकायत से जुड़ा है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए थे। पांच सदस्यीय जांच समिति गठित डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, सीडीपीओ हरैया सतघरवा और सीडीपीओ बलरामपुर देहात की पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। जांच समिति की रिपोर्ट में रिश्वतखोरी की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना कार्यालय तुलसीपुर में तैनात परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद और तत्कालीन आंगनबाड़ी नियुक्ति पटल के बाबू रामसूचित वर्मा ने शिकायतकर्ता से आंगनबाड़ी में चयन कराने के नाम पर ₹1,40,000 की अवैध वसूली की थी। इस मामले में बिचौलिया मुन्नालाल जायसवाल की भी सक्रिय भूमिका सामने आई। भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं जांच समिति ने चयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्री के आय प्रमाण पत्र की तहसील स्तर से पुनः जांच कराने की भी सिफारिश की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने दोनों लिपिकों के खिलाफ वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग की पुष्टि के बाद एफआईआर दर्ज कराई है। दोषियों को जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है, वहीं दोनों बाबुओं के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में होने वाली सभी भर्तियां पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट के आधार पर होंगी। भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी विभाग में भर्ती या योजना के नाम पर कोई पैसा मांगता है, तो तुरंत जिला प्रशासन को सूचना दें। किसी भी बिचौलिये के झांसे में न आने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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