ग्राम सभा उदवापुर और केदारपुरवा के संयुक्त तत्वावधान में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दौरान व्यास पीठ से पंडित गिरिजा शंकर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अत्याचारी कंस के वध की कथा का विस्तार से वर्णन किया। पंडित गिरिजा शंकर महाराज ने बताया कि मथुरा नरेश कंस के अत्याचारों से प्रजा पीड़ित थी। एक आकाशवाणी में बताया गया था कि देवकी का आठवां पुत्र कंस का वध करेगा। इस भय से कंस ने अपनी बहन देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल दिया और उनके सात पुत्रों की हत्या कर दी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद वासुदेव उन्हें गोकुल में नंद बाबा के घर छोड़ आए। युवा होने पर श्रीकृष्ण बलराम के साथ मथुरा पहुंचे। उन्होंने मल्लयुद्ध में कंस को ललकारा और उसका वध कर दिया। कंस वध का प्रसंग सुनकर पूरा पंडाल “कंस वधारी भगवान की जय” और “वासुदेव नंदन की जय” के जयकारों से गूंज उठा। पंडित गिरिजा शंकर महाराज ने कहा कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। इस अवसर पर क्षेत्र के आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु और मातृशक्ति उपस्थित रहीं।
उदवापुर-केदारपुरवा में भागवत कथा जारी:पंडित गिरिजा शंकर महाराज ने सुनाई कंस वध की कथा
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