लखनऊ। अभी तक विपक्षी पार्टियां इससे परेशान थीं कि व्हाट्सएप पर प्रचारित होने वाले संदेशों और अनगिनत फॉरवर्ड से उनको नुकसान हो रहा है। लेकिन अब सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी भी व्हाट्सएप पर उसकी सरकार के खिलाफ प्रोपेगेंडा चल रहा है।
विपक्षी दल आरोप लगाते थे कि भाजपा े सोशल मीडिया के मैसेंजर एप्स का खूब इस्तेमाल कर दुष्प्रचार कर रही किया। उसी पर पंडित नेहरू और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से लेकर राहुल गांधी के निजी जीवन की झूठी सच्ची कहानियां प्रचारित की गईं। हर दिन विपक्ष के किसी न किसी नेता के खिलाफ ऐसी कहानी प्रचारित होती रही, जिसका जवाब विपक्षी पार्टियां नहीं दे पाईं!!
लेकिन अब पहली बार भाजपा इस बात को लेकर परेशान है कि उसके खिलाफ व्हाट्सएप पर एजेंडा चलाया जा रहा है। भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से वीडियो डाल कर लोगों से अपील की है कि वे इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी ई-20 को लेकर व्हाट्सएप पर फैलाई जा रही बातों पर ध्यान न दें। इस वीडियो में भाजपा ने सचाई बताने का दावा किया है। हालांकि भाजपा के नेता अब भी इस पर आत्ममंथन नहीं कर रहे हैं कि जो टूल उनके लिए इतना उपयोगी था वह अचानक इतना नुकसानदेह कैसे हो गया।
असल में यह सब यूजीसी के कथित समानता वाले दिशा निर्देश के बाद सोशल मीडिया में सक्रिय सवर्ण समर्थकों ने भाजपा का साथ छोड़ दिया। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर भी भाजपा को इसी का नुकसान हुआ। वहां भी प्रशांत किशोर की टीम ने यह बात फैला दी कि रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि किसी कुत्ता, बिल्ली को चुनाव लड़ा कर भाजपा बांकीपुर जीत जाएगी। इस तरह अब सोशल मीडिया क्या पक्ष और क्या विपक्ष सबके लिए भस्मासुर बन रहा है और इसलिए कंपनियों को डराने का अभियान भी शुरू हो गया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक पाण्डेय ने बताया कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं हैं। यदि ऐसा है पार्टी का आईटी सेल इस दिशा में जरूर कार्य कर रहा होगा।












