
लखनऊ। इंडियन एसोसिएशन फॉर ब्रोंकोलॉजी व किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर,में बेसिक ब्रोंकोस्कोपी सर्टिफिकेशन कोर्स एवं हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यशाला में लगभग 250 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ब्रोंकोस्कोपी से संबंधित सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। कार्यशाला की विशेषता ब्रोंकोस्कोपी प्रक्रिया का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण रही। ज्ञात रहे कि सांस की नली को श्वसनी कहते हैं और इसकी दूरबीन की जांच को ब्रोंकोस्कोपी कहते हैं। डॉ.सूर्यकान्त ने बताया कि सामान्यतः लोग एवं कई चिकित्सक खांसी में खून आने का कारण केवल टीबी को मानते हैं, जबकि फेफड़ों का कैंसर, ब्रोंकाइटिस, ब्रोन्किइक्टेसिस, निमोनिया एवं पोस्ट-टीबी भी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हीमोप्टाइसिस के कारणों की सही पहचान के लिए ब्रोंकोस्कोपी अत्यंत उपयोगी जांच है।












