HomeHealth & Fitnessमंदिर की छत पर सो रहे पुजारी की निर्मम हत्या

मंदिर की छत पर सो रहे पुजारी की निर्मम हत्या

बांदा। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव स्थित भज्जी का पुरवा में शनिवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। मंदिर की छत पर सो रहे पुजारी की तीन अज्ञात बदमाशों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के समय पास में सो रही उनकी शिष्या ने विरोध करने का प्रयास किया तो एक हमलावर ने उसे पकड़कर मुंह दबा दिया और जान से मारने की धमकी दी।

जानकारी के अनुसार, 68 वर्षीय सच्चिदानंद नामदेव ने करीब 11 वर्ष पूर्व अपनी जमीन पर शनिदेव मंदिर का निर्माण कराया था और वहीं रहकर पूजा-अर्चना करते थे। शनिवार रात लगभग डेढ़ बजे वह मंदिर की छत पर सो रहे थे। उनके पास ही मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र के चंदौरा गांव निवासी 22 वर्षीय शिष्या रोशनी भी सो रही थी।

बताया गया कि देर रात लोहे की सीढ़ी के सहारे तीन अज्ञात युवक मंदिर की छत पर पहुंचे और सो रहे पुजारी पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर शिष्या की नींद खुली और वह बचाव के लिए आगे बढ़ी, लेकिन एक हमलावर ने उसे पीछे से पकड़ लिया और मुंह दबाकर चुप रहने की धमकी दी।

हमलावर पुजारी को मृत समझकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद शिष्या ने शोर मचाया, जिससे कुछ दूरी पर खलिहान में सो रहे पुजारी के भाई चिंतामणि और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। गंभीर रूप से घायल पुजारी को तत्काल रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, मृतक के सिर पर कई गहरे घाव और शरीर पर डंडों से हमले के निशान मिले हैं। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक व डॉग स्क्वायड टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। घटनास्थल से खून से सना एक डंडा बरामद किया गया है, जबकि खून और फिंगर प्रिंट के नमूने भी एकत्र किए गए हैं।

मृतक के भतीजे विकास ने बताया कि मंदिर से सटी जमीन को लेकर कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। उनका आरोप है कि करीब दस दिन पहले कुछ लोगों ने मंदिर गिराने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। वहीं ग्रामीणों के बीच अन्य संभावित कारणों को लेकर भी चर्चाएं हैं।

पुलिस ने शिष्या का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शिष्या का कहना है कि अंधेरा होने के कारण वह हमलावरों की पहचान नहीं कर सकी। मामले में मृतक के भाई चिंतामणि की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

एसपी पलाश बंसल ने रविवार को बताया कि हत्या के पीछे जमीन विवाद समेत अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे के लिए एसओजी सहित चार टीमों को लगाया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही वारदात का पर्दाफाश किया जाएगा।

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments