झाबुआ। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले के थांदला स्थित शासकीय महाविद्यालय ग्राउंड में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम” के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के लगभग 174.64 करोड़ रुपये की लागत के 29 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।
इसके साथ ही लगभग 109.17 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 28 विकास एवं आधारभूत संरचना संबंधी कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया । इन विकास कार्यों से जिले में अधोसंरचना, जनसुविधाओं तथा समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ₹283.81 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने चारोलीपाड़ा में ₹70 करोड़ की लागत से आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के कार्य का भी भूमिपूजन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पीपलखूंटा और थांदला में पद्मावती नदी किनारे घाट बनेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा अब तक नौ आयुर्वेदिक महाविद्यालय प्रारंभ किए जा चुके हैं।
उन्होंने जिले में 32.20 करोड़ रुपये की लागत से सांदीपनि विद्यालय, झाबुआ तथा 27.21 करोड़ रुपये की लागत से सांदीपनि विद्यालय, रजला का लोकार्पण भी किया गया है।
इसके साथ ही पेटलावद जनपद के अंतर्गत आने वाले प्राचीन श्री श्रृंगेश्वर धाम में घाट निर्माण एवं माही नदी तट संरक्षण कार्य के लिए 6.28 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले कार्य का भूमिपूजन किया गया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पक्का हेलीपैड निर्माण की योजना के अंतर्गत थांदला में हेलीपैड निर्माण की घोषणा की।
उन्होंने झाबुआ में खेल परिसर के निर्माण, पीपलखूंटा में पद्मावती नदी के किनारे घाट निर्माण तथा थांदला में भी पद्मावती नदी तट पर घाट निर्माण की घोषणा की।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि जनजातीय अंचल में पट्टों की रजिस्ट्री निःशुल्क की जाएगी। साथ ही नए शैक्षणिक सत्र में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विद्यार्थियों को विद्यालयीन गणवेश उपलब्ध कराए जाएंगे।












