डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम हटवा सादात में रविवार रात 18 बनी हाशिम के ताबूत निकाले गए। इस दौरान रात भर नौहा मातम का सिलसिला जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। मजलिस की शुरुआत कर्रार हुसैन व हमनवा द्वारा मर्सिया पाठ से हुई। इसके बाद दिल्ली से आए मौलाना सैय्यद कमाल अब्बास रिजवी ने मजलिस को संबोधित किया। मौलाना रिजवी ने हजरत अली के फजायल बयान करते हुए कहा कि अली ने हक के लिए कई जंग लड़ीं और कामयाबी हासिल की। उन्होंने इस्लाम के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। मौलाना ने यह भी कहा कि अली नमाज हैं और हम सब नमाजी हैं। उन्होंने बताया कि कर्बला दुनिया को हक, सच्चाई और इंसाफ का पैगाम देती है। हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में नाना के दीन को बचाने के लिए जो महत्वपूर्ण कुर्बानियां दीं, उनसे पूरी दुनिया को यह संदेश मिलता है कि कभी भी जालिम के आगे सिर नहीं झुकाना चाहिए। इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों ने भूखे-प्यासे शहादत देकर यह साबित कर दिया कि सच्चाई को कोई झुका नहीं सकता। मजलिस के अंत में मौलाना ने इमाम हुसैन और हजरत अब्बास का मसायब पढ़ा, जिसे सुनकर अकीदतमंद गमगीन हो गए और पीट-पीटकर रोने लगे। इस दौरान “या हुसैन या अब्बास” की आवाज से पंडाल गूंज उठा। मजलिस के बाद ताबूत की शबीह निकाली गई, जिसने पूरे गांव का भ्रमण किया। शबीह देखकर अकीदतमंदों की आंखों में आंसू छलक उठे। पूरी रात नौहा मातम का सिलसिला जारी रहा। इस मौके पर सरफराज हुसैन रिजवी, फय्याज हुसैन रिजवी, जाफरे तैयार, गुलाम मोहम्मद, अतहर हुसैन, जावेद हैदर, डॉक्टर हसनैन अब्बास, मोहम्मद अब्बास, मनाजिर हुसैन, इकतीदार हुसैन सहित भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
हटवा सादात में 18 बनी हाशिम के ताबूत निकाले गए:रात भर नौहा मातम, मौलाना कमाल अब्बास ने किया संबोधित
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












