नई दिल्ली। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दोनों नेताओं ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवार की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना को देश में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों की कड़ी बताते हुए कहा कि हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर जैसी घटनाएं एक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में अक्सर पीड़ित दलित, पिछड़े, आदिवासी या गरीब वर्ग से होते हैं और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे आवाज उठाने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर दर्ज कराने के लिए संघर्ष करना पड़े, वहां सरकार के नैतिक अधिकार पर सवाल उठता है।
वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मामले में प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि गाजीपुर की घटना में पहले शिकायत दर्ज करने में आनाकानी की गई और बाद में पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति दिखाती है कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध चरम पर हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा शासन में यह ‘अघोषित व्यवस्था’ बन गई है कि जब भी किसी महिला पर अत्याचार होता है, तो पीड़ित पक्ष को ही परेशान किया जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावे केवल दिखावे तक सीमित हैं।
कांग्रेस नेताओं के इन आरोपों के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष जहां सरकार को घेर रहा है, वहीं अब इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की दिशा पर सबकी नजर टिकी हुई है।












