श्रावस्ती के लक्ष्मणपुर सेमरहनिया से नासिरगंज को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग आज बदहाली की कहानी बनकर रह गई है। ये सड़क जोगिया, भालूइहा, सुखराम पुरवा, धोबिया, पोंदिला जैसे गांव और मजरा मिला कर करीब 20 हजार की आबादी नासिरगंज बाजार से जोड़ने वाली इस सड़क की बाढ़ में जगह जगह कटी पुलिया और सड़क का हिस्सा 11 साल बीतने के बाद भी दोबारा नहीं बन सका है। लंबे इंतजार के बाद अब ग्रामीणों की उम्मीदें भी धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं। सड़क और पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने खेतों के बीच से अस्थायी रास्ता बना लिया है। इसी कच्चे मार्ग से रोजाना लोगों का आवागमन होता है। बरसात के मौसम में यही रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इस मार्ग की बदहाली का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और स्कूली बच्चों पर पड़ता है। बच्चों को स्कूल जाने और वापस लौटने में काफी दिक्कत होती है। वहीं बुजुर्गों और मरीजों के लिए भी यह रास्ता किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान यदि बाढ़ आ जाती है तो आसपास का इलाका पूरी तरह कटकर टापू में तब्दील हो जाता है। ऐसे समय में लोगों के आवागमन का एकमात्र सहारा नाव ही रह जाता है। स्थानीय निवास रंजीत यादव मनोज श्रीवास्तव मंगली आदि लोगो ने बताया लक्ष्मणपुर सेमरहानियाँ- नासिरगंज मार्ग आवागमन का मुख्य रास्ता था मगर 11साल पहले सड़क कट जाने से बहराइच भिनगा जैसे शहरों में जाने के लिए काफी घूम कर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है तथा नासिरगंज बाजार से रोजमर्रा की जरूरत की समान दवा पानी बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी आसानी होती थी लेकिन अब हालत ऐसे नहीं. ग्रामीण ने कई बार सड़क और पुलिया के निर्माण की मांग उठाई, लेकिन 11 साल बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। अब लोगों को इंतजार है कि आखिर कब इस मुख्य मार्ग का निर्माण होगा और क्षेत्रवासियों को पक्की सड़क की सुविधा मिल सकेगी लोगों की मांग जल्द से जल्द सड़क और का निर्माण कराया जाए
लक्ष्मणपुर-सेमरहनिया–नासिरगंज मार्ग जर्जर:पक्की सड़क बाढ़ में कटी, मरम्मत की मांग
RELATED ARTICLES












