श्रावस्ती के कोलाभार मजगवा साईं पुरवा में इमामे हसन और इमामे हुसैन की याद में एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के जुटने की उम्मीद है। वे पूरी रात इबादत, नमाज, तिलावत-ए-कुरआन और जिक्र-ओ-अज़कार में मशगूल रहेंगे। इमामे हसन और इमामे हुसैन पैगंबर हज़रत मुहम्मद ﷺ के नवासे थे। उनकी जीवन-गाथा सब्र, इंसाफ, अमन, भाईचारे और अल्लाह की राह में कुर्बानी का प्रतीक मानी जाती है। इमामे हुसैन की कर्बला में दी गई कुर्बानी आज भी हक और इंसाफ के लिए संघर्ष का संदेश देती है। वहीं, इमामे हसन ने उम्मत की एकता और शांति को हमेशा प्राथमिकता दी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगेंगे और तौबा करेंगे। वे अपने जीवन में नेक बदलाव, घरों में बरकत, बीमारों को शिफा और पूरे मुल्क में अमन-चैन कायम रहने की दुआ करेंगे। इस मौके पर क्षेत्र के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। वे इमामे हसन और इमामे हुसैन की शिक्षाओं को याद करते हुए इंसानियत, भाईचारे और सच्चाई के रास्ते पर चलने का संकल्प लेंगे। गांव में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है, जहां देर रात तक इबादत और दुआओं का सिलसिला जारी रहेगा।
श्रावस्ती में इमामे हसन-हुसैन की याद में धार्मिक कार्यक्रम:कोलाभार मजगवा साईं पुरवा में अकीदतमंद जुटे
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