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सिद्धार्थनगर में ‘दो बूंद जिंदगी की’ पहुंची हर घर:134 घरों तक पहुंची स्वास्थ्य टीम, पांच साल तक के बच्चों को पिलाई गई पोलियो खुराक


पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान ने गांवों तक अपनी मजबूत पहुंच दिखाई। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी पात्र बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। घर-घर पहुंचीं टीमें, बच्चों को पिलाई पोलियो की दवा अभियान के प्रथम चरण में ग्राम बेलवालगुनही में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर पहुंचकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई। टीमों ने व्यवस्थित तरीके से पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया और परिवारों से संपर्क कर बच्चों को दवा दी। 134 घरों का हुआ भ्रमण स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के दौरान कुल 134 घरों तक पहुंच बनाई गई। इस दौरान पांच वर्ष तक के सभी पात्र बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई, ताकि कोई बच्चा टीकाकरण से छूट न जाए। ‘कोई भी बच्चा न छूटे’ पर विशेष फोकस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को पोलियो से सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर घर-घर दवा पहुंचा रही हैं। अभिभावकों को भी किया गया जागरूक अभियान के सुपरवाइजर एवं एनजीओ प्रतिनिधि शशांक मिश्रा ने बताया कि बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने के साथ अभिभावकों को नियमित टीकाकरण के महत्व की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि समय पर टीकाकरण बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। स्वास्थ्य कर्मियों ने निभाई अहम भूमिका अभियान को सफल बनाने में एएनएम पुष्पा देवी, आशा कार्यकर्ता गीता देवी और स्वयंसेवी ओमप्रकाश ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित किया। पोलियो उन्मूलन की दिशा में जारी प्रयास स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को हर बार पोलियो की खुराक जरूर दिलाएं। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक भागीदारी और नियमित टीकाकरण से ही पोलियो मुक्त समाज का लक्ष्य मजबूत होगा। अभियान के जरिए स्वास्थ्य विभाग बच्चों तक केवल दवा ही नहीं पहुंचा रहा, बल्कि परिवारों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।

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