बरेली। ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर औषधि विभाग की टीम ने बुधवार को सुभाषनगर क्षेत्र स्थित बिलनकिट से जुड़े मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की।
जांच के दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय अभिलेख, लाइसेंस और भंडारण व्यवस्था में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद औषधि विभाग ने संबंधित फर्म पर औषधियों के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी।
सहायक आयुक्त (औषधि), बरेली मंडल के निर्देश पर औषधि निरीक्षक राजेश कुमार ने सहायक आयुक्त औषधि संदीप कुमार के नेतृत्व में मेसर्स मूनस्टोन वेंचर एलएलपी, अपर ग्राउंड फ्लोर, नेकपुर, थाना सुभाषनगर में छापेमारी की।
टीम ने मौके पर मौजूद पंजीकृत फार्मासिस्ट विजय कुमार की उपस्थिति में मेडिकल स्टोर के दस्तावेज और दवाओं की जांच की।
जांच में भंडारित एलोपैथिक दवाओं में पांच प्रकार की दवाओं में भिन्नता पाई गई। इसके अलावा बिक्री बिल पर लाइसेंस के फॉर्म-21 का उल्लेख नहीं था। बिल पर फर्म का पता भी सही नहीं पाया गया। चिकित्सक का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज नहीं था। शेड्यूल एच-वन रजिस्टर भी अपडेट नहीं मिला।
टीम को एक्सपायरी दवाओं के अलग से रखरखाव की व्यवस्था नहीं मिली। दवाओं के लेबल और अन्य अभिलेखों में भी कमियां पाई गईं। कंप्यूटर सिस्टम में दवाओं की बैच संख्या के आधार पर एंट्री नहीं थी। फ्रिज का भी निर्धारित तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा था।
बरेली के औषधि निरीक्षक राजेश कुमार, ने कहा कि निरीक्षण के दौरान दवाओं के रिकॉर्ड और भंडारण व्यवस्था में कई गंभीर अनियमितताएं मिली हैं।
निरीक्षण आख्या सहायक आयुक्त औषधि को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। अग्रिम आदेशों तक फर्म से औषधियों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है।












