ज्ञान और पुरुषार्थ से असंभव को भी संभव बनाना ही महर्षि कश्यप की सच्ची सीख”

जरवलरोड बहराइच(तरुणमित्र संवाददाता)। जरवल के धनराजपुर गांव में महर्षि कश्यप और महाराजा गुहराज निषाद की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। रामगोपाल कश्यप के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा महर्षि कश्यप व गुहराज निषाद के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ता मनीष कश्यप और अमरनाथ निषाद ने कहा कि महर्षि कश्यप हमारे अस्तित्व के मूल हैं। उनके द्वारा दिखाया गया सत्य, तप और ज्ञान का मार्ग आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महर्षि का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन पुरुषार्थ और अटूट ज्ञान के बल पर असंभव कार्य को भी संभव बनाया जा सकता है। महापुरुषों के बताए रास्तों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। जयंती समारोह के दौरान समाज के उत्थान और एकजुटता पर भी चर्चा की गई और समाज सेवा करने वाले वरिष्ठजनों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से एडवोकेट दीपेंद्र निषाद, हरिओम निषाद, समाजसेवी महेश चन्द्र पूर्व प्रधान कल्लू निषाद, मंगल प्रधान, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि दीपक कश्यप,गोपाल सिंह, मिथलेश निषाद, सत्येंद्र मोहन श्रीवास्तव, पवन निषाद, हरिनाम शर्मा, दीपक कश्यप, अवधेश कश्यप, शादाब पहलवान, गंगाराम, सुखराम निषाद,गोलू निषाद, राकेश, माधव, भानु सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजक रामगोपाल कश्यप ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।











