लखनऊ। राजधानी के कैसरबाग थाना क्षेत्र में बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों के खातों से लाखों रुपये के गबन मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बैंक का पूर्व क्लर्क और कैशियर था, जिसने ग्राहकों के डारमेट खातों से रकम ट्रांसफर कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2021 में बैंक ऑफ बड़ौदा हीवेट रोड शाखा के मुख्य प्रबंधक शिवशंकर मित्रा ने कैसरबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि बैंक शाखा से फर्जी तरीके से करीब 8 लाख 89 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि मुकदमे का वांछित आरोपी गोल्डी श्रेष्ठ केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पिछले गेट के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान गोल्डी श्रेष्ठ निवासी अलीगंज, लखनऊ के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक सैमसंग मोबाइल फोन और एक्टिवा स्कूटी बरामद की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यह सामान गबन की गई रकम से खरीदा था। आरोपी ने बताया कि वह बैंक ऑफ बड़ौदा की हीवेट रोड शाखा में क्लर्क और कैशियर के पद पर कार्यरत था। उधारी और घरेलू खर्च पूरे करने के लालच में उसने बैंक ग्राहकों के डारमेट खातों से रकम अपने परिचितों के खातों में ट्रांसफर कराई और बाद में पैसे निकलवा लिए।
पुलिस के मुताबिक गबन की गई रकम का बड़ा हिस्सा आरोपी ने घरेलू खर्च और कर्ज चुकाने में खर्च कर दिया। बरामद सामान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में चोरी की संपत्ति रखने की धारा भी बढ़ा दी है।फिलहाल पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।












