श्रावस्ती में आठ साल पुराने मारपीट और गालीगलौज के मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने चारों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 8-8 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला पुलिस के ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत की गई प्रभावी पैरवी के बाद आया है। मामला मल्हीपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2018 में पुरानी रंजिश को लेकर चार आरोपियों ने वादी के साथ गालीगलौज और मारपीट की थी। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। पुरानी रंजिश में मारपीट और गालीगलौज का आरोप मल्हीपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 264/2018 दर्ज किया गया था। इसमें पवन कुमार शर्मा, अरुण कुमार शर्मा, सरोज कुमार शर्मा और उमाशंकर को आरोपी बनाया गया था। पुलिस के मुताबिक, चारों आरोपी जोगिया गांव के रहने वाले हैं। आरोप था कि पुरानी रंजिश को लेकर चारों ने वादी के साथ गालीगलौज और मारपीट की। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 323/34, 394/34 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद कोर्ट में दाखिल हुआ आरोप पत्र मामला दर्ज होने के बाद मल्हीपुर पुलिस ने इसकी विवेचना की। साक्ष्य जुटाने और जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपों को साबित करने के लिए प्रभावी पैरवी की। पुलिस और अभियोजन की ओर से लगातार की गई पैरवी के बाद न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी माना। चारों को 5-5 साल की कैद, 8-8 हजार रुपए जुर्माना न्यायालय ने पवन कुमार शर्मा, अरुण कुमार शर्मा, सरोज कुमार शर्मा और उमाशंकर को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही चारों पर 8-8 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। आठ साल पुराने मामले में फैसला आने के बाद पुलिस ने इसे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया है। एसपी ने लंबित मामलों की निगरानी की पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने जनपद में लंबित मुकदमों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में मल्हीपुर थाने के इस मामले की भी लगातार मॉनिटरिंग की गई। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में मामले से जुड़े साक्ष्य और दलीलें मजबूती से रखीं। अपराधियों को सजा दिलाना अभियान का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत लंबित मुकदमों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अपराध करने वालों को उनके कृत्य की सजा दिलाने के साथ आमजन में कानून के प्रति विश्वास मजबूत करना है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लगातार निगरानी और प्रभावी पैरवी जारी रहेगी।
मारपीट-गालीगलौज के 4 दोषियों को 5-5 साल की सजा:श्रावस्ती में 8 साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला; 8-8 हजार रुपए का जुर्माना
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