पयागपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत सिमरियावा में पंचायत भवन का मुख्य गेट टूटा मिला, परिसर में गंदगी फैली हुई थी और भवन में लगे सीसीटीवी कैमरे की केबल भी क्षतिग्रस्त पाई गई। निरीक्षण के दौरान पंचायत भवन बंद मिला तथा पंचायत सहायक और ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) मौके पर मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवनों को ग्रामीण प्रशासन का केंद्र बनाकर लोगों को आय, जाति, निवास, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पंचायत सहायक और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति भी की गई है, लेकिन सिमरियावा में यह व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित होती नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन नियमित रूप से नहीं खुलता, जिससे उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए ब्लॉक मुख्यालय और तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी से मिलने के लिए भी लोगों को उनके कार्यालय अथवा अन्य स्थानों की जानकारी जुटानी पड़ती है। कई बार काफी प्रयास के बाद ही सचिव से संपर्क हो पाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत भवन होने के बावजूद अधिकांश कार्य अन्य स्थानों से संचालित किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पंचायत भवन को नियमित रूप से संचालित कराने, भवन की मरम्मत कराने तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और पंचायत भवन की व्यवस्था कब तक पटरी पर लौटती है।
टूटा गेट और बंद मिला कार्यालय:सिमरियावा के पंचायत भवन में सचिव और पंचायत सहायक गायब, ग्रामीण परेशान
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