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बरूकी में विकास कार्यों की अनदेखी, बैंक भवन अधूरा और पेयजल संकट गहराया

बिजनौर। ब्लॉक मौहम्मद पुर देवमल के ग्राम बरूकी में विकास योजनाओं की अनदेखी अब ग्रामीणों और किसानों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती जा रही है। एक ओर जहां जिला सहकारी बैंक शाखा के निर्माण के लिए वर्षों पहले आवंटित भूखंड आज कूड़ाघर में तब्दील हो चुका है, वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी में गांव के लोग स्वच्छ पेयजल की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।

क्षेत्र के किसानों की सुविधा के लिए सहकारी समिति फतेहपुर असल और सहकारी समिति बरूकी से जुड़े किसानों की मांग पर गांव में जिला सहकारी बैंक की शाखा का निर्माण प्रस्तावित किया गया था। इसके लिए सहकारी संघ बाकर नंगला/बरूकी परिसर में करीब 200 गज भूमि भी आवंटित की गई थी। लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी बैंक भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका। नतीजतन यह भूखंड अब कूड़ाघर में बदल गया है और सड़क किनारे अवैध कब्जों के तहत खोखे भी रख दिए गए हैं।

बताया जाता है कि पिछले दस वर्षों से जिला सहकारी बैंक की बरूकी शाखा किराए की बिल्डिंग में संचालित हो रही है, जिससे किसानों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही। इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और स्थानीय किसानों द्वारा कई बार प्रयास किए गए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह धनखड़, ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. विजय चौधरी और क्षेत्रीय अध्यक्ष बृजेश कुमार ने बैंक शाखा का शीघ्र निर्माण जनहित और किसान हित में जरूरी बताया है। इसी के साथ ग्राम बरूकी में पेयजल संकट भी विकराल रूप ले चुका है। लगभग दो दशक पहले बनी पुरानी पानी की टंकी खराब हो चुकी है और नई टंकी का निर्माण पूरा होने के बावजूद पिछले तीन वर्षों से गांव के करीब 15 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा।

ग्रामीणों का कहना है कि नई टंकी में नलकूप को ओवरहेड टैंक से जोड़ दिया गया है और सोलर पैनल भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन जल निगम अधिकारियों की उदासीनता के कारण योजना शुरू नहीं हो सकी। भीषण गर्मी में पानी की बढ़ती मांग ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।

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