Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)जरवल में 'या हुसैन' की सदाओं से गूंजा कस्बा:10 मोहर्रम पर अकीदत...

जरवल में ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा कस्बा:10 मोहर्रम पर अकीदत और एहतराम के साथ निकला जुलूस


जरवल कस्बे में 10 मोहर्रम का जुलूस पूरी अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर ‘या हुसैन या हुसैन’ की सदाओं से पूरा कस्बा गूंज उठा। अज़ादारों ने नम आंखों से शहीदाने कर्बला को याद किया। जुलूस से पहले मरहूम डॉक्टर इम्तियाज अली साहब के अज़ाखाने में मजलिस का आयोजन किया गया। इसे खातिबे अहलेबैत सैयद जाफर मेहंदी साहब ने संबोधित किया। मजलिस के समापन के बाद ताबूत, अलम और दुलदुल बरामद हुए, जिसके बाद जुलूस अपने पारंपरिक मार्गों पर आगे बढ़ा। यह जुलूस अज़ाखाना-ए-इकबाल जरवली से शुरू होकर शाकिर जरवली और मौलाना ताहिर जरवली के अज़ाखानों से गुजरा। इसके बाद यह घोसियाना रोड सराय पहुंचा। वहां से जुलूस मास्टर रईस हैदर के आवास पर पहुंचा, जहां नौहाखानी की गई। फिर, यह हैदर हुसैन और मिर्जा लियाकत हुसैन के आवासों से होते हुए कल्बे हुसैन के आवास पर पहुंचा। जुलूस आगे बढ़कर अज़ाखाना-ए-जाकिर मंज़िल और सैयद जाफर मेहंदी एडवोकेट के आवास पहुंचा। यहां पुरनूर हैदर ने मरसिया पेश किया। मरसिया के बाद जुलूस कर्बला की ओर रवाना हुआ। कर्बला में अज़ादारों ने इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला की याद में मातम कर अपनी अकीदत व्यक्त की। इसके उपरांत जरवल, मीरगंज, बरूहा, मशहूकनगर और बसाहिया में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सुन्नी समुदाय द्वारा भी 9 और 10 मोहर्रम पर इमाम हुसैन की याद में सबीलें लगाकर सेवा की गई। मोहर्रम का यह जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसने आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का पूर्ण सहयोग रहा

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments