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श्रावस्ती में उर्वरक वितरण की गहन समीक्षा:डीएम बोले- फार्मर आईडी के बिना बिक्री पर होगी कड़ी कार्रवाई, किसानों से अपील


श्रावस्ती में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में उर्वरक वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक जनपद में उर्वरक की कालाबाजारी रोकने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इसमें जिला कृषि अधिकारी, अपर जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता तथा जिला प्रबंधक पीसीएफ सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की सभी साधन सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों पर केवल फार्मर रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) के आधार पर ही उर्वरक का वितरण किया जाए। बिना फार्मर रजिस्ट्री के उर्वरक बेचने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी), एटीएम, बीटीएम और सहायक विकास अधिकारी (कृषि) अपने-अपने क्षेत्रों में उर्वरक दुकानों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने वितरण रजिस्टर अनिवार्य रूप से बनवाने और किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के लिए भी कहा। उन्होंने यह भी बताया कि शासन की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। शासन के निर्देशानुसार, अब फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उर्वरक वितरित किया जाएगा। निर्धारित मानक के अनुसार, एक हेक्टेयर भूमि पर 07 बोरी यूरिया और 05 बोरी डीएपी ही देय होगी। जिलाधिकारी ने जनपद के सभी सहकारी और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों से फार्मर रजिस्ट्री प्राप्त करने के बाद ही उर्वरक बेचें। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे अपनी फार्मर आईडी शीघ्र बनवा लें, ताकि उन्हें समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में 15614 मीट्रिक टन यूरिया, 3648 मीट्रिक टन डीएपी, 3120 मीट्रिक टन एनपीके और 7447 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही उर्वरक खरीदें।

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