अलावल देवरिया (गोंडा) । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनहितैषी योजना का लाभ एक बार फिर जरूरतमंद परिवार को मिला है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद गोंडा जिले के मोतीगंज निवासी वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद सुलेमान के इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी गई है। यह धनराशि सीधे लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के अस्पताल खाते में भेजी गई है।
पीड़ित मोहम्मद सुलेमान पिछले कई वर्षों से पत्नी सायरा बानो का इलाज करा रहे थे। 23 जुलाई 2024 को सायरा बानो का हार्ट का ऑपरेशन हुआ था, जिसमें उनका वाल्व बदला गया था। सायरा बानो का इलाज अभी भी चल रहा है। पत्नी के इलाज में ही परिवार की सारी जमा-पूंजी खर्च हो गई थी। इसी बीच पिछले कुछ समय से मोहम्मद सुलेमान को भी दिल की बीमारी हो गई। डॉक्टरों ने जांच में बताया कि उनकी दिल की धड़कन कभी तेज और कभी बहुत धीमी हो जाती है, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है।
डॉक्टरों की सलाह पर 19 अगस्त को उनका लोहिया अस्पताल में भर्ती कर आईसीडी ड्यूल तार वाला पेसमेकर लगाया जाएगा। इस पूरे इलाज में लगभग 7 से 9 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है।आर्थिक तंगी के कारण परिवार अब अपना इलाज कराने में असमर्थ था।
मजबूर होकर मोहम्मद सुलेमान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और मुख्यमंत्री पोर्टल पर अपनी व्यथा दर्ज कराई। इस मामले में जिला अधिकारी गोंडा प्रियंका निरंजन का काफी सहयोग रहा। उन्होंने मरीज की फाइल को तुरंत आगे बढ़ाकर शासन को भेजा। साथ ही मनकापुर के विधायक रमापति शास्त्री का भी सहयोग रहा। उन्होंने मरीज के पक्ष में सहमति पत्र जिला अधिकारी के नाम भेजा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये स्वीकृत कर सीधे अस्पताल के खाते में भेज दिए।
धनराशि खाते में जमा होने की सूचना मिलते ही पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। मोहम्मद सुलेमान और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिला अधिकारी प्रियंका निरंजन, विधायक रमापति शास्त्री, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने से समय पर मदद मिल गई, जिससे अब उनका जीवन बच सकेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पात्र मरीजों को त्वरित सहायता दी जा रही है। इसके लिए मरीज मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 या ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।









