सिद्धार्थनगर जिले के प्रसिद्ध कालानमक चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंगलवार शाम को कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. की अध्यक्षता में कालानमक चावल एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह भी इस दौरान उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने कालानमक धान के उत्पादन में वृद्धि पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार करने, अधिक गोष्ठियां आयोजित करने और अनुबंधित खेती (कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग) को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कालानमक चावल की बढ़ती मांग को देखते हुए अधिक किसानों को इस अभियान से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) और किसान सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए भी कदम उठाने को कहा। सीएफसी के निदेशक ने बैठक में बताया कि आगामी सत्र में 1500 मीट्रिक टन कालानमक धान की खरीद और प्रसंस्करण के लिए सिंगापुर की कंपनी बुद्धा राइस के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू से जिले के किसानों को अपनी उपज के बेहतर विपणन और उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। निदेशक ने यह भी जानकारी दी कि एसपीवी से जुड़े किसानों के अलावा, ऐसे गैर-एसपीवी किसानों जिनके पास चार टन या उससे अधिक कालानमक धान उपलब्ध होगा, उनके धान का प्रसंस्करण और परिवहन निःशुल्क किया जाएगा। इस सुविधा से किसानों की लागत कम होगी और कालानमक धान की खेती के प्रति उनका रुझान बढ़ेगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कालानमक चावल की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जाए, ताकि सिद्धार्थनगर का कालानमक चावल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी अलग पहचान बना सके। बैठक में जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, सहायक उपायुक्त उद्योग शिवशंकर कुमार, एसपीवी के सदस्य और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कालानमक चावल को वैश्विक पहचान मिलेगी:सिंगापुर की कंपनी से हुआ एमओयू, उत्पादन बढ़ाने पर जोर
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