डुमरियागंज तहसील सभागार में गुरुवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान और तहसीलदार रविकुमार यादव के निर्देश पर हुए इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम उन्मूलन पर जागरूकता फैलाना था। वक्ताओं ने बाल श्रम कानूनों की जानकारी दी और समाज से इस कुप्रथा को समाप्त करने का आह्वान किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रमणि पाण्डेय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल श्रम को समाज के लिए एक अभिशाप बताया। उन्होंने कहा कि इसे जड़ से समाप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक को आगे आना चाहिए। पाण्डेय ने इस बात पर जोर दिया कि हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और नैतिक मूल्यों से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बार एसोसिएशन के महामंत्री मोहम्मद हुसैन ने कहा कि बाल श्रम किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर सभी लोगों से यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि कोई भी बच्चा श्रम के लिए मजबूर न हो और उसे शिक्षा व संस्कार प्राप्त करने का अवसर मिले। कार्यक्रम का संचालन कर रहे उपाध्यक्ष विकास सिंह ने बाल श्रम के विरुद्ध जन-जागरूकता और सामाजिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसी के माध्यम से एक संवेदनशील, सशक्त और विकसित समाज का निर्माण संभव है। सिंह ने लोगों से बाल श्रम की घटनाओं की सूचना संबंधित विभागों को देने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। इस अवसर पर जटाशंकर पाण्डेय, रघुबर प्रसाद, देवेंद्र राठौर, श्रद्धानंद, अजय पाठक, मुकेश श्रीवास्तव, अधिवक्ता देवेंद्र पाठक, राजीव अग्रहरि, हृदयराम, अतुल कुमार मिश्रा, निर्मल मौर्य, अनिल यादव, सोनू यादव, अंकुर कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
डुमरियागंज में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित:बाल श्रम उन्मूलन पर लोगों को किया गया जागरूक
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